सर्दी के कड़े तेवर बरकरार हैं। एक पखवाड़े से हाड़ कंपा देने वाली ठंड बनी हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 15.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। इसी तरह से न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री कम था। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक घना कोहरा छाया रहेगा, फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है।
अभी दस जनवरी तक सर्दी का प्रकोप बना रहेगा। सुबह घना कोहरा रहा, जिससे 9 बजे तक वाहन रेंगते हुए चले। दोपहर में धूप से कुछ राहत मिली। शाम से फिर ठंड हो गई। ठंड के कारण बाजारों में भी ग्राहकों का आनाजाना कम है। लोगों केवल जरूरी काम से ही घरों से निकल रहे हैं।
इस बार 15 दिसंबर तक ठंड का असर कम था। दोपहर की धूप बेहद तेज थी। 20 दिसंबर से अचानक जबदरस्त ठंड शुरू हो गई। लगातार अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दस से पांच डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज हो रही है। शीतलहर भी चल रही है। इसी वजह से सर्दी अचानक बहुत बढ़ गई है। शनिवार को वाहनों में बैठे लोग ठिठुरते हुए दिखाई दे रहे थे। जगह- जगह लोग अलाव तापते हुए भी दिखे।
गांधीपार्क और सारसौल स्थित बस अड्डे पर भी यात्रियों की संख्या बहुत कम थी। जरूरतमंद और दैनिक कामकाज वाले लोग ही घरों से निकल रहे थे। लोग दुकानों पर गरम चाय की चुस्की लेते हुए दिखाई दिए। शाम से फिर मौसम परिवर्तित होने लगा। हवा तेज होने के चलते ठंड का प्रकोप दिख रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में रात आठ बजे से ही कोहरे की धुंध दिखाई देने लगी है, जिसके चलते वाहन चालक काफी धीमी गति से चल रहे थे।
कोहरे के चलते रात में रोडवेज की बसें काफी कम चल रही हैं। तमाम ट्रेनें भी कोहरे के चलते लेट हो रही हैं, इससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे ने कोहरे के चलते लिच्छवी, ऊंचाहार एक्सप्रेस को रद्द कर दिया है। दिल्ली से आने वाली गोमती एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, स्वतंत्रता सेनानी दो घंटे, महानंदा, मुरी, कालका एक-एक घंटे की देरी से पहुंची। कानपुर से दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, महाबोधि, गरीब रथ दो-दो घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेनों के घंटों देरी से आने के चलते यात्री भी समय से अपने निर्धारित स्थानों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं।