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अलीगढ़ : जगमगा उठा बाजार, धनतेरस पर खूब बरसा धन, एक हजार करोड़ का कारोबार

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अलीगढ़ : क्वार्सी बाईपास पर दीपावली पर दूधिया लाइटों से जगमगाता ग्रीन पार्क अपार्टमेंट। फोटो रू? - फोटो : CITY OFFICE
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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धनतेरस पर शहर में चारों ओर धनवर्षा हुई। कारोबारियों की उम्मीदों से कहीं अधिक बिक्री होने से उनके चेहरे खिले नजर आए । शुभ-मुहूर्त पर लोगों ने दिल खोलकर बाजारों में पहुंचकर खरीद की। सुबह से देर रात तक बाजार में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। शहर के मुख्य बाजारों में तो लगभग हर दुकान ग्राहकों से गुलजार रही।
दीपोत्सव के दूसरे दिन तक बाजारों में करीब एक हजार करोड़ से अधिक की बिक्री होने का अनुमान है। धनतेरस पर ग्राहकों के स्वागत के लिए कारोबारियों ने पलक-पांवड़े बिछा रखे थे । आकर्षक सजावट के साथ ही सामान की खरीद पर छूट भी दे रखी थी । शाम ढलने के साथ ही बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठे। नजारा बेहद अलौकिक नजर आ रहा था। धनतेरस पर बर्तन एवं आभूषण खरीदने के महत्व को लेकर सराफा बाजार से लेकर ऑटोमोबाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में उत्सव जैसा माहौल रहा ।
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बाजार की हर गली और हर दुकान ग्राहकों से गुलजार थी। ग्राहकों के स्वागत के लिए बाजारों में दुकानदारों ने आकर्षक लाइटिंग और साज-सज्जा के साथ ही विशेष व्यवस्थाएं की हैं। दोपहर बाद से ही शहर के मुख्य बाजार रोशनी से जगमगा गए, जबकि शाम के बाद बाजारों में भीड़ उमड़ी। रामघाट रोड, महावीरगंज, बड़ा बाजार, सेंटर प्वाइंट आदि समेत प्रमुख बाजारों में कई जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
घर आए नए बर्तन
धनतेरस को बर्तन खरीदने का विशेष महत्व माना जाता है। इसको लेकर बर्तन बाजार में ग्राहकों की अधिक भीड़ रही । बाजार में परंपरागत बर्तनों की नई डिजाइन ने ग्राहकों को खूब लुभाया और उन्होंने अपने बजट के अनुसार खरीदारी की । रिवाज को लेकर लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार छोटे-बड़े बर्तनों को खरीदा । एक अनुमान के अनुसार इस बार धनतेरस पर 50 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
चमका सोना-चांदी का बाजार
सोने- चांदी की शॉपिंग को लेकर भी सराफा कारोबारियों के पास सुबह से ही भीड़ लगी रही । कोरोना के दो साल बाद बाजारों में काफी बूम देखने को मिल रहा है। गत वर्ष की तुलना में इस साल बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। सोना मंहगा होने के बावजूद शुभ मुहूर्त में लोग खरीदारी करने में पीछे नहीं रहे। सराफा बाजार में दुकानें दुल्हन की तरह सजी हुई थीं। कई दुकानदारों ने तो ग्राहकों का स्वागत मिठाई, काजू-बादाम खिलाकर किया। सराफा बाजार में दो दिनों में करीब 300 करोड़ से अधिक की बिक्री का अनुमान जताया गया है।
सिक्कों की हुई खरीददारी
धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी के सिक्कों की अधिक खरीददारी हुई। महिलाओं ने ज्वैलरी भी पसंद की। दोपहर से लेकर देर शाम के बाद बिक्री बढ़ी और यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
रियल स्टेट बाजार भी चमका
धनतेरस के मौके पर रियल एस्टेट सेक्टर भी खूब चमका । रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों की मानें तो इस बार लोगों में दिवाली के मौके पर अपने घर का गृह प्रवेश कराने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला है। कारोबारी ने दिवाली के मौके पर फ्लैट आदि खरीदने वाले ग्राहकों को लकी ड्रा से आकर्षक ऑफर भी दिए । ग्राहकों के लिए रजिस्ट्री तक ऑफर में मिली है। संभावना है कि इस बार दिवाली पर रियल एस्टेट का कारोबार 200 करोड़ से अधिक जा पहुंचा है।
वाहन खरीदने को बरसा धन
धनतेरस पर वाहनों के बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। शहर में पांच हजार से अधिक दो पहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री हुई। बाइक और स्कूटी के शोरूमों में सबसे ज्यादा भीड़ रही । दो पहिया बनाने वाली कंपनियों की ओर से दी जा रही छूट ने ग्राहकों को खूब लुभाया । इलेक्क्ट्रॉनिक वाहनों की इस बार अधिक मांग रही। इससे कंपनियां मांग के अनुरूप बुकिंग भी नहीं दे सकी। सभी कंपनियों की ओर से अच्छे ऑफर दिए गए थे । ऑटोमोबाइल्स कंपनी से जुड़े कारोबारियों के अनुसार धनतेरस पर सुस्त बाजार ने तेजी पकड़ी है । उम्मीद है अगले दो दिन और भी अच्छी बिक्री होगी । इस बार छोटी कारों की बजाय कॉम्पेक्ट और बड़ी गाडिय़ों की ज्यादा मांग रही। ऑटोमेटिक गियर और नए फीचर्स से सुसज्जित होने के कारण बड़ी कारें लोगों की पहली पसंद बनी रही। ऑटोमोबाइल्स के क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है।
भगवान धनवंतरि और कुबेर जी का पूजन
धनतेरस पर भगवान धनवंतरि और कुबेर जी महाराज का पूजन किया गया । सुबह से आयुर्वेदिक से जुड़े लोगों ने भगवान धनवंतरि का पूजन कर आरती उतारी और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की प्रार्थना की। भक्तों की मंदिरों में दर्शनों के लिए कतार लगी रहीं।
रूप चौदस पर जले दीए, हुई आतिशबाजी
दीपावली से ठीक एक दिन पहले रूप चौदस का पर्व मनाया जाता है। इसे नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है इस दिन जो व्यक्ति पूजा और दीपक जलाता है उसे सभी प्रकार की परेशानियों और पापों से मुक्ति मिल जाती है। दिवाली से पहले रूप चौदस के दिन घर के कई हिस्सों में यम के लिए दीपक जलाते हैं। रूप चौदस पर व्रत रखने का भी अपना महत्व है। मान्यता है कि रूप चौदस पर व्रत रखने से भगवान श्रीकृष्ण व्यक्ति को सौंदर्य प्रदान करते हैं।
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दिनभर चली खरीदारी, चेहरों पर लौटी मुस्कान
शहर की सड़कों पर दीपावली को लेकर दुकानों के अलावा फड़ भी सजाए गए थे। महावीरगंज, रेलवे रोड, बड़ा बाजार, सराफा, फूल चौक, सब्जी मंडी ऊपरकोट, कनवरीगंज, जयगंज, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा स्थित दुकानों पर पहुंचकर लोगों ने दीये, खील-खिलौने, पटाखे, मिठाई, ड्राई फ्रूट, कपड़े, िमिट्टी से बने लक्ष्मी-गणेश, इलेक्ट्रोनिक्स सामान, झालर, बल्व, गिफ्ट पैक, झूमर, बंदनवार आदि सजावटी सामान एवं पूजा सामग्री की जमकर खरीदारी की। इससे बाजार में महंगाई का असर दिखाई नहीं पड़ा। हालांकि महीने के अंत में त्योहार होने से अधिकांश लोगों को इस बार वेतन और मानदेय समय से नहीं मिल सका। इस पर उन्होंने कम बजट से ही त्योहार की खुशियों को मनाया।
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