सूचना पर प्रभारी एसपी देहात मुकेश चंद्र उत्तम, सीओ अतरौली विशाल चौधरी तथा थाना प्रभारी निरीक्षक बृजपाल सिंह मौके पर पहुंच गए। फोरेंसिक टीम के जरिए मौके पर साक्ष्य संकलित कराए गए। खबर पाकर मौके पर पहुंचे मृतका की मां गुड्डी देवी, पिता तिलक सिंह तथा छोटे भाई संदीप का रोकर बुरा हाल था।
बीस दिन से था घर से बाहर
पत्नी शीतल की हत्या के आरोपी पति शेखर के अनुसार कई माह से उसे पत्नी के चाल-चलन पर शक था। इसलिए रक्षाबंधन से पहले उसने पत्नी को तालानगरी में काम पर जाने से रोक दिया था। शेखर के अनुसार शीतल ने करीब डेढ़ माह तालानगरी में मजदूरी का काम किया था। उसका आरोप है की इसके बाद भी पत्नी की आदतों में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे घर पर क्लेश होने लगा। इसी के चलते वह 20 दिन से घर नहीं आया था। शुक्रवार की दोपहर घर लौटा तो बाहर से ताला लगा था। अंदर की दीवारें महज चार फुट ऊंची हैं, इसलिए दीवार फांदकर कर वह अपने घर में घुसा। कमरे में अंदर से दरवाजे नहीं थे। कमरे में पड़ी चारपाई पर पत्नी के साथ गांव का एक युवक मौजूद था।
लांछन लगाकर बेटी से करता था मारपीट: पिता
मृतका शीतल के पिता तिलक सिंह का आरोप है कि दामाद शेखर उनकी बेटी पर झूठा लांछन लगाता था। इसी चक्कर में उनकी बेटी के साथ मारपीट कर परेशान करता था। तीन दिन पहले शेखर ने शीतल का पैर जलाने की बात कही।