न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
नगर निगम चुनाव से ऐन पहले नगर क्षेत्र में 15वें वित्त की धनराशि से 31 विकास कार्यों के टेंडर निकाले गए हैं। मगर इन टेंडरों पर पार्षदों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कहा है कि इन विकास कार्यों के आवंटन में भेदभाव किया गया है। अपने चहेतों के इलाकों में काम दिए गए हैं।
नगर निगम द्वारा 15वें वित्त की धनराशि से 7.41 करोड़ रुपये के 31 विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। इनमें कुछ काम ऐसे हैं, जहां पिछले दिनों ज्वलंत समस्या के लिए लोगों ने आंदोलन किए हैं, जिनमें देवी नगला में जलभराव और कांशीराम आवासीय कॉलोनी में जलभराव के निदान से जुड़ा काम शामिल है।
इसके अलावा उन इलाकों में काम दिए गए हैं, जहां की समस्याएं नगर निगम तक पहुंचती हैं या फिर जनप्रतिनिधियों के पास सीधे पहुंचती हैं। इस तरह 31 विकास कार्यों के टेंडर जारी किए गए हैं। यह काम निकाय चुनाव से पहले शुरू करा दिए जाएंगे।
- नगर निगम बोर्ड के अंत समय में 15वें वित्त से जो 31 विकास कार्य कराए जा रहे हैं, उनमें अपनातेरी साफ दिखाई दे रही है। चंद पार्षदों या अपने लोगों को खुश करने के लिए उनके इलाकों में ही काम कराए जा रहे हैं। अधिकांश पार्षद ऐसे हैं, जिनके इलाकों में इस बजट से काम नहीं कराए जा रहे। कुछ जगह तो ऐसी भी हैं, जहां बहुत जरूरत थी। मगर काम नहीं कराए गए। ये सब नगर निगम बोर्ड में मेयर व नगर निगम द्वारा मनमर्जी से किया गया काम है। इसका पुरजोर विरोध करते हैं। - पुष्पेंद्र सिंह जादौन, पार्षद, भाजपा
पहले उधार चुकता किया, फिर हुए काम जारी
मेयर मो.फुरकान कहते हैं कि 15वें वित्त से 12 करोड़ रुपया आवंटित हुआ था। जो कुछ समय से रखा हुआ था। इसमें से करीब 5 करोड़ रुपया उन उधार के कार्यों का चुकता किया गया है, जो काम पहले करा लिए गए थे। ठेकेदारों के भुगतान नहीं हुए थे। फिर शेष कार्यों को जरूरत के अनुसार बजट आवंटित किया गया है। इसमें अकेले मेरी सहमति नहीं, बल्कि पूरी कमेटी की सहमति है। इस कमेटी में डीएम, नगर आयुक्त, पीडब्ल्यूडी इंजीनियर, नगर निगम इंजीनियर आदि शामिल रहते हैं। चूंकि धन बेहद कम था, इसलिए सबको खुश करना संभव नहीं था। जहां बेहद जरूरी था, वहीं काम आवंटित किए गए हैं।
-15वें वित्त से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। धन बेहद कम था। कुछ काम ऐसे भी थे, जो हटाए गए हैं। जरूरत के अनुसार ही काम शामिल किए गए हैं। सभी को खुश करना संभव नहीं था।-सुरेश चंद्र मुख्य अभियंता, नगर निगम
28 करोड़ से सुधरेगी नगर निगम में शामिल 16 गांवों की विद्युत व्यवस्था
अलीगढ़। निकाय चुनाव से पहले नगर निगम सीमा में शामिल हुए 16 गांवों को शहरी आपूर्ति दिए जाने की तैयारी है। इसी क्रम में नगर विकास अनुभाव के निर्देश पर विद्युत विभाग ने इन गांवों में विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए 28 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सौंपा है। हाल ही में नगर निगम में शहर से सटे 16 गांव शामिल किए गए हैं। इसी तरह प्रदेश भर में अलग-अलग नगर निकायों के दायरे बढ़ाए गए हैं। नगर विकास अनुभाग ने इन गांवों में शहरी विद्युत आपूर्ति शुरू कराने की कवायद करते हुए विद्युत विभाग से व्यवस्थाएं दुरुस्त करने पर आने वाले खर्च का प्रस्ताव मांगा।
इसी क्रम में अलीगढ़ नगर निगम से जुड़े 16 गांवों के लिए विद्युत विभाग ने कुल 28 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें इन सभी गांवों में विद्युत लाइनों की मरम्मत, जहां जरूरत है वहां बदलाव, जहां नए ट्रांसफार्मर या खंभे लगने हैं, उसके काम शामिल हैं। इस संबंध में शहरी विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता इंजी. एसके जैन बताते हैं कि उनके स्तर से प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही बजट जारी होने के संकेत मिले हैं। जैसे ही बजट मिलेगा, इन सभी 16 गांवों में विद्युतीकरण मरम्मत/सुधार का काम कराया जाएगा। यह काम पूरा होते ही इन इलाकों को शहरी विद्युत आपूर्ति से जोड़कर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने का प्रयास होगा।
शहरी सीमा में शामिल होंगे बिजलीघर
इन गांवों को आपूर्ति देने वाले बिजलीघरों को भी शहरी सीमा में शामिल किया जाएगा। उन बिजलीघरों की दशा सुधारने का भी काम किया जाएगा। ताकि आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं न आएं।
ये 16 गांव किए गए शामिल
-बरौली विधानसभा क्षेत्र के गांव देवसैनी, तालसपुर कलां, सुखरावली, छर्रा विधान सभा क्षेत्र के गांव सिंधौली, कोल विधानसभा क्षेत्र के गांव अलीनगर, भदेसी माफी, नगला पानखानी, पड़ियावली, रुस्तमपुर सकत खां (नगला मंदिर), हाजीपुर चौहट्टा, बढ़ौली फतेह खां, दयानतपुर रसीला, भकरौला, दौलारा निरपाल, खेड़िया ख्वाजा बुद्धा, आसना अजीतपुर।