पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के पीकू वार्ड में चल रहे मॉक ड्रील में अवलोकन करते नो?
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कोविड के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर शनिवार को दीनदयाल अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान पीकू वार्ड के स्टाफ की पोल खुल गई। कोविड नोडल अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी की मौजूदगी में हुए मॉक ड्रिल में संसाधन और स्टाफ आदि को जांचा गया। उन्होंने खुद पाया कि स्टाफ के मरीज को उपचार देने में हाथ पांव फूल रहे हैं, जबकि महिला वार्ड में उपचार प्रबंधन दुरुस्त नहीं है।
प्रति माह कोविड अस्पताल में यह मॉक ड्रिल किया जाता है, जिसमें मशीनरी, संसाधन व स्टाफ दुरुस्त है या नहीं, यह जाता जाता है। शनिवार को मॉक ड्रिल के दौरान नोडल प्रभारी अधिकारी डॉ.बीपी सिंह कल्याणी व सीएमओ डा.नीरज त्यागी मौजूद रहे।
इसके बाद उन्होंने अस्पताल के ऑक्सीजन प्लॉट, अस्पताल का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई का जायजा लिया। यहां लेबर रूम में खामियां मिलीं, नल की टूटी टंकी को सुधारने के लिए कहा। जीरियाट्रिक वार्ड को मंकीपॉक्स से संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित कराया गया है।
अस्पताल में 10 बेड पीडियाट्रिक इंटेन्सिव केयर यूनिट, 38 बेड एचडीयू, 10 बेड मंकीपॉक्स व 34 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए। महिला वार्ड में महिला मरीजों को उपचार प्रबंधन दुरुस्त न होने पर एतराज जताया गया।
इस दौरान सीएमएस डॉ. अनुपम भास्कर ने बताया कि सिर्फ आठ चिकित्सक अस्पताल को संभाल रहे हैं। अस्पताल में लगभग 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। 180 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। अगर चिकित्सकों की कमी को जल्द पूरा न किया गया तो डेंटल, अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे, कॉर्डियोलॉजी व सर्जरी विभाग बंद हो जाएंगे।