नबंवर- दिसंबर में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव में भले ही देरी हो, लेकिन दावेदारों ने अभी से ही चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले की निकायों में अध्यक्ष, मेयर और पार्षद के लिए दावेदार कोई भी मौका हाथ से नहीं निकलने देना चाहते हैं।
अब उन्हें नया मौका हर घर तिरंगा एवं रैली ने दे दिया है और वे तिरंगा रैली में भीड़ जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। जिले में इस साल महानगर में नगर निगम, अतरौली व खैर समेत दो नगर पालिका और 16 नगर पंचायतों में निकाय चुनाव होने वाले हैं।
इनमें सात नगर पंचायत मडराक, गभाना, बरौली, जवां-सिकंदरपुर, चंडौस, पिसावा एवं टप्पल में पहली बार चुनाव होना है। इसको लेकर चुनाव लड़ने वाले दावेदार खासे सक्रिय हैं। वे लोगो से सीधे जुड़ने और उनसे आत्मीयता दिखाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं निकलने देना चाहते हैं।
चाहे खुशी का पल हो या फिर गमी का। ऐसे दावेदार हर मौके पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ताकि आने वाले चुनाव में इस जनसंपर्क का उन्हें फायदा मिल सके। इसीलिए पिछले सप्ताह दावेदारों को अपना शक्ति प्रदर्शन करने को तिरंगा यात्रा ने मौका उपलब्ध करा दिया है।
इन रैली में तिरंगा झंडा, डीजे, बैंडबाजों, ढ़ोल - नगाड़ों के अलावा वाहनों की संख्या अधिक दर्शाने में भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इन दिनों वह दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं दूसरे दावेदार इस प्रचार - प्रसार की इस प्रक्रिया में उन्हें पीछे न छोड़ दें।
एक दावेदार ने बाबा बुलडोजर की तर्ज पर बड़ी संख्या में बुलडोजर, ट्रैक्टर और दूसरे सैकड़ों वाहनों की मदद से जोरदार रैली निकाली। इसकी पूरे जिले में खासी चर्चा है। पुलिस को निकलने वाली इन रैलियों में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाने को खासी मशक्कत करनी पड़ी है।
भाजपा में ज्यादा हैं दावेदार
महानगर और कस्बों में निकाय चुनाव के अधिकांश दावेदार भाजपा में हैं। वह हर हाल में टिकट की दावेदारी के लिए जिला और महानगर संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क में जुट गए हैं। इसके अलावा बृज प्रांत प्रभारी तथा प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों से संपर्क करने में लगे हुए हैं। इसके लिए वह सांसद और विधायकों से भी संपर्क में हैं। उन्हीं के माध्यम से टिकट की दावेदारी की पहुंच स्थानीय और प्रदेश स्तरीय संगठन के पदाधिकारियों से नजदीकी बनाने के प्रयास में हैं।