हाथरस में सड़क दुर्घटना में कांवड़ियों की मौत के बाद श्रावण मास में कांवड़ियों के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसको लेकर जिला पुलिस ने तत्काल प्रभाव से नई व्यवस्था निर्धारित की है। अब रात में जिले की सड़कों पर कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पीआरवी लगाई जाएंगी। यह पीआरवी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक निर्धारित दूरी पर भ्रमणशील रहेंगी और कांवड़ियों को देखकर उनको सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को बैठक कर रणनीति बनाई गई।
एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत व एसपी यातायात मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि वैसे तो पहले से ही जिले में श्रावण मास को लेकर रविवार रात से सोमवार शाम तक रूट डायवर्जन व्यवस्था लागू है। मगर श्रावण मास तक के लिए अब हर दिन के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है।
इस व्यवस्था के तहत कांवड़ियों से जुड़े सभी प्रमुख मार्गों पर प्रत्येक दस किमी पर एक पीआरवी तैनात रहेगी, जिसमें शहरी सीमा से बाहर यानि बाईपास से बाहर चौपहिया पीआरवी व शहरी सीमा में दोपहिया पीआरवी, हाईवे बाईपास पर भी दोपहिया पीआरवी लगाई गई हैं।
आठ थाना क्षेत्रों की सीमा में कुल 14 चौपहिया, 4 दोपहिया पीआरवी के अलावा थानों की द्वितीय मोबाइल वैन भी सक्रिय रहेंगी। दूसरे जिले में जाने पर उस जिले को सूचित कर दिया जाएगा। जरूरत पर थाना पुलिस को भी बुलाया जाएगा। इस दौरान कांवड़ियों को सड़क के एक किनारे चलने और भारी वाहनों व छोटे वाहन चालकों को धीमी गति से चलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में बनी ये कार्ययोजना
एसपी सिटी ने दोपहर में अपने कार्यालय में सभी आठ थानों के थाना प्रभारी के अलावा सीओ प्रथम, द्वितीय, तृतीय, सीओ अतरौली, सीओ इगलास व गभाना संग बैठक की। इस दौरान रात में लागू की गई इस व्यवस्था के अलावा दिन में भी ड्यूटी दे रहे कर्मियों को निर्देशित करने को कहा कि वे कांवड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। वाहनों की गति नियंत्रित रहे, कांवड़िये निर्धारित पट्टी पर ही चलें इस तरह के प्रयास किए जाएं।
इन रूटों पर निगरानी
- रामघाट रोड बुलंदशहर बॉर्डर तक
- गभाना रोड बुलंदशहर बॉर्डर तक
- आगरा रोड हाथरस बॉर्डर तक
- मथुरा रोड मथुरा बॉर्डर तक
- हाईवे बाईपास गभाना टू आगरा कट