एएमयू के कैनेडी हॉल में करबला कथा नाटक का मंचन करते कलाकार।
इराक के शहर कर्बला में इमाम हुसैन और यजीदी फौज के बीच लड़ाई के मंजर देख और सुनकर हर देखने वाले की आंखें नम हो गईं। छह महीने के असगर के गले पर तीर लगते ही खून का फव्वारा फूटा तो दर्शकों की आंखों से आंसू निकल आए। हर कोई आंखों से निकलने वाले आंसू को छिपाने की कोशिश करता नजर आया। कर्बला के इस मंजर को एएमयू के कैनेडी हॉल में ‘करबल कथा’ के जरिये 20 कलाकारों ने अपने मंचन दिखाया।
इस नाटक को आसिफ नकवी ने लिखा है, जबकि निर्देशन मुजम्मिल हयात भवानी का रहा। नाटक में टीवी अभिनेता शाहजेब खान ने रावी की मुख्य भूमिका निभाई, जबकि क्लब के अनिक, मुअज्जम, मानव, पीयूष, माज, राज, ऋषभ, काजिम ने भी भूमिका अदा की। जैद खान, रिजवान, अकरम, जैनब और साइमा सहायक निर्देशक रहे। सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रोफेसर एफएस शीरानी ने कहा कि हमने डिजिटल प्रोजेक्टर, फॉग मशीन, प्रकाश और ध्वनि प्रभावों के साथ मंच पर युद्ध जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की, जो वास्तविक लग रही थी। पीवीसी प्रो. मोहम्मद गुलरेज, वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या प्रो. नईमा गुलरेज, डॉ. हमीदा तारिक ने कलाकारों को 22 हजार रुपये बतौर इनाम दिए। ड्रामा क्लब की अध्यक्ष प्रो. विभा शर्मा ने आभार जताया।