मीडिया से बातचीत करते अलीगढ़ नवागत एसएसपी संजीव सुमन
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अलीगढ़ के नवागत एसएसपी संजीव सुमन ने 8 जनवरी को मीडिया से बातचीत में कहा कि थानों में किसी के द्वारा अब अराजकता सहन नहीं होगी। अगर ऐसा हुआ तो फिर हमसे व पुलिस महकमे से सामंजस्य नहीं बन पाएगा। अगर किसी को कोई समस्या है तो हमारे पास आएं। मगर, थाने जाकर अराजकता या किसी को भी मनमर्जी छुड़ा ले जाना नहीं चलेगा।
पुलिस लाइन सभागार में पहली बार मीडिया से बातचीत में एसएसपी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता में अपराध व अपराधियों पर नियंत्रण है। क्राइम फ्रंट पर काम करना उनकी आदत में है। बाकी कानून व्यवस्था, महिला संबंधी अपराध आदि पर भी और मजबूती के साथ काम होगा। थाना स्तर से लेकर खुद उनके कार्यालय तक में जनसुनवाई को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वे अपना पूरा समय सिर्फ और सिर्फ पुलिसिंग को देते हैं और आगे भी देंगे। जिले में क्या समस्याएं हैं और क्या जरूरतें हैं, इन्हें धीरे-धीरे समझकर दूर कराया जाएगा। जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं जाएंगी। इसके लिए स्कूल, कालेजों में जाकर लोगों से संवाद किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे 2014 बैच के आईपीएस अफसर हैं। बतौर जिला पुलिस प्रमुख यह उनका तीसरा जिला है।
इससे पहले मुजफ्फरनगर व लखीमपुर खीरी में एसएसपी रह चुके हैं। बतौर अपर पुलिस अधीक्षक, एएसपी, प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर बुलंदशहर, आजमगढ़, बागपत, कानपुर नगर में तैनाती रही है। अलीगढ़ चूंकि बड़ा जिला है और यहां ज्यादा काम करने की जरूरत होगी। अनुभव के आधार पर व वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और शासन की मंशा के अनुसार पूरा प्रयास बेहतर करने का किया जाएगा।
ये हो सकती हैं चुनौतियां
- छोटे-छोटे विषयों पर पैदा होने वाली कानून व्यवस्था की समस्या।
- जिले में जरूरत के अनुसार अच्छी रेटिंग वाले इंस्पेक्टरों की कमी।
- प्रदेश के चर्चित जहरीली शराब कांड के मुकदमों में सजा कराना।
- आने वाले समय में लोकसभा चुनाव, होली और परीक्षा की तैयारी।
- राजनीतिक रूप से खींचतान के बीच सामंजस्य बनाना भी जरूरी।