न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मडराक के घासीपुर के धर्मस्थल पर आपत्तिजनक हरकत के मामले में कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव करने पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर दरोगा पर पिस्टल तानने का आरोप लगा है। शनिवार दोपहर हुए घटनाक्रम के बाद थाने पर हंगामा हो गया। गहमागहमी के बीच पुलिसकर्मियों ने दरोगा को थाने के अंदर ले जाकर बचाया। बाद में सीओ आदि अधिकारियों ने पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर विवाद शांत कराया।
छह सितंबर को घासीपुर में हुए विवाद मामले में दो आरोपी जेल भेज दिए गए, जबकि प्रधान मुफीद अल्वी व मौलवी आदि पर बिना गिरफ्तारी चार्जशीट दायर कर दी गई है। प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर बजरंग दल महानगर संयोजक भरत गोस्वामी की अगुवाई में कार्यकर्ता दोपहर में थाने पहुंचे। जहां गिरफ्तारी की मांग के दौरान दरोगा सत्येंद्र से उनका विवाद हो गया। इसी दौरान आरोप है कि दरोगा ने उन पर पिस्टल तान दी और धमकी दी। इस पर बखेड़ा खड़ा हो गया। हालांकि तत्काल पुलिसकर्मी हरकत में आए और दरोगा को वहां से हटाकर अंदर ले गए। हंगामे की खबर पर सीओ इगलास, सीओ प्रथम, सासनी गेट इंस्पेक्टर भी वहां पहुंचे। उन्होंने गिरफ्तारी व दरोगा पर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर विवाद शांत कराया।
एसपी देहात मुकेश चंद्र उत्तम के अनुसार मामले में पिस्टल तानने का आरोप गलत है। वे शांत करने का प्रयास कर रहे थे। बाकी मामले में जांच की जा रही है। इस दौरान प्रतीक रघुवंशी, योगेश वार्ष्णेय, देव सोनी, रितिक बंसल, अभय सैनी, गौरव महेश्वरी, सचिन पंडित, उदित अवस्थी, टिंकू ठाकुर, बादशाह, रोहित सोनी, अमन शर्मा आदि मौजूद रहे।
हंगामे के दौरान प्रधान पर लगा छेड़खानी-मारपीट का आरोप
जिस वक्त थाने में बजरंग दल कार्यकर्ता हंगामा कर रहे थे। इसी दौरान एक परिवार थाने पहुंचा और प्रधान आदि पर मारपीट व छेड़खानी का आरोप लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं के समर्थन के बाद मुकदमा दर्ज किया है। पीड़ित पक्ष का कहना था कि प्रधान पक्ष ने शुक्रवार को मारपीट की, मगर मुकदमे के बाद समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। इस दौरान परिवार को बंधक बनाकर महिलाओं से छेड़खानी की गई है। सीओ ने बताया कि इस मामले में नामजद प्रधान मुफीद अल्वी, वाहिद, मोहम्मद अली, अजीम, मुईन, गुड्डू, रिजवान, मिस्वाउद्दीन के साथ 3 अज्ञात लोग आरोपी हैं। गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।