आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सूचना एवं संस्कृति विभाग के तत्वावधान में ‘सांस्कृतिक प्रतिभा खोज’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विकास भवन स्थित गांधी सभागार में आयोजित समारोह में जिला विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी भरत कुमार मिश्र ने कहा कि सांस्कृृतिक विधाएं ही किसी समाज, जनपद और राष्ट्र की अमूर्त धरोहर होती हैं।
प्रदेश सरकार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न विधाओं की सांस्कृतिक धरोहरों को प्रोत्साहित कर राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने एवं उन्हें रोजगार से जोड़ने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा शास्त्रीय भजन, कत्थक, लोक नृत्य, लोक संगीत गायन, ढोलक वादन आदि विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया गया।
शास्त्रीय गायक लोकेश कुमार ने अपने गीत माता-पिता और गुरु के कहने में जो चलेगा, सम्मान दुनिया देगी फूलेगा और फलेगा... के जरिए माता-पिता और गुरु का सम्मान का संदेश दिया। हेरिटेज स्कूल की छात्राओं शिवि, ईशा, सोनाक्षी, भावना, रितिका और मान्या ने संगीता वार्ष्णेय के मार्गदर्शन में कत्थक प्रस्तुत किया। कुणाल, छुट्टन, हिमाद्री, रामवीर सिंह ने भी प्रस्तुति दी।
निर्णायक मंडल में मीनाक्षी नागपाल, जॉनी फास्टर, पंकज गुप्ता धीरज, चंदन चटर्जी, नीरज शर्मा, सुरेंद्र कुमार शर्मा आदि शामिल थे। सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार ने आभार जताया। कार्यक्रम में एडीआईओ दानिश, प्रचार सहायक सौरभ शर्मा, कृृष्ण कुमार, पवन कुमार का सहयोग रहा।