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अलीगढ़ : छेड़खानी और चेन स्नेचिंग के विरोध में छात्राओं ने दिया तीन घंटे धरना

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छात्रावास में गेट न होने पर एएमयू वीसी का घेराव करने पहुंचीं छात्राओं को समझाते जेएन मेडिकल कॉले? - फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने छेड़खानी और चेन स्नेचिंग के विरोध में कुलपति आवास के सामने तीन घंटे तक धरना दिया। छात्राओं ने हॉस्टल की दीवार तोड़कर उसमें गेट लगाने की मांग की है। उधर, एएमयू इंताजामिया और छात्राओं के बयान में विरोधाभास रहा।
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शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे जेएन मेडिकल कॉलेज की छात्राएं, जो अजीजुन निसा हॉस्टल में रह रही हैं, वह छेड़खानी और चेन स्नेचिंग के विरोध में कुलपति आवास के सामने धरने पर बैठ गई हैं। यह छात्राएं करीब रात करीब साढ़े नौ बजे तक बैठी रहीं।
छात्राओं के धरने पर बैठने की खबर से एएमयू इंतजामिया परेशान हो गया। मौके पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी, डीएसडब्ल्यू प्रो. मुजाहिद बेग सहित तमाम जिम्मेदार अधिकारी पहुंच गए। उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिशें की, लेकिन वह नाकाम रहे। छात्राएं अपनी मांग पर अड़ी रहीं।
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छात्राओं ने बताया कि दो-तीन महीने में 25-30 चेन स्नेचिंग की घटनाएं छात्राओं के साथ हो चुकी हैं। साथ ही स्कूटी गिराकर उनसे छेड़खानी भी की जाती है। इन घटनाओं को अंजाम देने वालों में 15 साल से 40 साल के व्यक्ति शामिल हैं। छात्राओं ने कहा कि हॉस्टल से मेडिकल कॉलेज के लिए डेढ़ किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है।
इसका फायदा अराजक तत्व उठा रहे हैं। इसलिए हॉस्टल की दीवार तोड़कर उसमें गेट लगा दिया जाए, तभी छेड़खानी और चेन स्नेचिंग की घटनाएं रुक सकेंगी। क्योंकि इस रास्ते पर आमजन की आवाजाही रहती है। इस संबंध में डिप्टी प्रॉक्टर डॉ. सैयद नवाज अली जैदी ने बताया कि छात्राओं ने छेड़खानी और चेन स्नेचिंग को लेकर धरना दिया था। हॉस्टल की दीवार तोड़कर उसमें गेट लगाने की बात मान ली गई है। चेन स्नेचिंग की 2-3 घटनाएं हो चुकी हैं, जिनका खुलासा भी हुआ है।
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