न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ राष्ट्रीय यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अमित चौधरी के कुवैत में दौड़ने की राह में पासपोर्ट और आर्थिक स्थिति बाधा बन रही है। हालांकि, डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल जाने से पहले अमित की मदद की थी और पदक जीतने का आशीर्वाद भी दिया था। एएमयू एबीके के शिक्षक शमशाद निसार ने बताया कि अमित सिंह के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
राष्ट्रीय यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अमित चौधरी के कुवैत में दौड़ने की राह में पासपोर्ट और आर्थिक स्थिति बाधा बन रही है। हालांकि, डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल जाने से पहले अमित की मदद की थी और पदक जीतने का आशीर्वाद भी दिया था। एक बार उनसे अमित और यूपी टीम के मैनेजर शमशाद निसार आजमी को उम्मीदें बंध गई हैं।
भोपाल में अमित के 1500 मीटर दौड़ जीतने पर उनका चयन कुवैत होने वाली एशियन यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए हो गया। मगर अब पासपोर्ट, बंगलुरू शिविर में जाने और आर्थिक स्थिति उनके सपनों के पंख को कतरने में लग गई है। अगर अमित कुवैत जाते हैं, तो वह जिले के दूसरे धावक होंगे।
उनसे पहले पालेंद्र चौधरी एशियन यूथ एथलेटिक्स में हिस्सा ले चुके थे। एएमयू एबीके के शिक्षक शमशाद निसार ने बताया कि अमित सिंह के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब अमित खेलो इंडिया खेलने गया था, तब तत्कालीन डीएम चंद्रभूषण सिंह ने राइफल क्लब से 11 हजार रुपये की मदद की थी।