न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
यातायात जागरूकता अभियानों व सख्ती के बावजूद जिले में सड़क हादसों का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश भर में होने वाले सड़क हादसों व मौत के मामले में अलीगढ़ चौथे नंबर पर आ गया है, जबकि पिछले साल जिला आठवें नंबर था। इस साल अब तक 552 सड़क दुर्घटनाओं में 473 लोग जान गवां चुके हैं और 583 लोग घायल हुए हैं। स्थिति यह है कि हर दूसरे दिन एक व्यक्ति की हादसे में जान जा रही है।
चिंताजनक बात यह भी है कि इनमें से ऐसे 269 दोपहिया चालक बिना हेलमेट के ही वाहन का संचालन कर रहे थे। पिछले दस दिन में ही 11 स्थानों पर हुईं सड़क दुर्घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
वाहनों की बढ़ती रफ्तार जिंदगी पर भारी पड़ रही है। यातायात जागरूकता अभियानों के बाद भी वाहनों की न तो रफ्तार कम हो सकी और न ही जिले में होने वाले हादसों की संख्या में किसी प्रकार की कमी आ सकी है।
नेशनल हाईवे व जीटी रोड समेत प्रमुख मार्गों पर ये हादसे हो रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में वर्ष 2019-20 में सड़क दुर्घटनाओं में 64 प्रतिशत मौतें अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर हुई थीं। वर्ष 2020-21 में भी यही स्थिति रही। वर्ष 2022 में अब तक 552 सड़क दुर्घटनाओं में 473 लोग जान गवां चुके हैं और 583 लोग घायल हुए हैं।
पांच साल में हुए सड़क हादसों की स्थिति
वर्ष हादसे मृतक घायल
2017 810 451 702
2018 839 466 817
2019 929 530 928
2020 472 314 463
2021 552 473 583
वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए यातायात सप्ताह व यातायात माह का अभियान चलाया जा रहा है। फिर भी वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ चालान, जुर्माना व वाहन जब्त के साथ ही उनके ड्राइविंग लाइसेंस को निरस्त तक करने की कार्रवाई की जा रही है।
- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी ट्रैफिक
जिले में हो रहे हादसों की रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात नियमों के पालन व सुरक्षित संचालन के लिए आमजन व वाहन चालकों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
- हरी शंकर सिंह, आरटीओ प्रशासन