न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगए़
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को शासकीय योजनाओं में रुचि न लेने पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से खातों को हटाने के लिए कहा है। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए बैंक के जिला समन्वयक को बैठक से बाहर कर दिया। डीएम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलास्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक कर रहे थे।
डीएम ने केसीसी, पीएमईजीपी, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, ओडीओपी, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग एवं माटीकला रोजगार योजना, बाबा साहेब आंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, पीएम स्वनिधि योजना एवं आरसेटी द्वारा भेजे आवेदन पत्रों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
डीएम ने शासन द्वारा संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं में एसबीआई के बैंक ऋण वितरण न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने ऋण को लेकर प्राप्त आवेदन पत्रों के सापेक्ष ऋण वितरण पर आश्वासन देने के बाद भी कोई कार्य न करने पर बैंक के जिला समन्वयक को बैठक से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को एसबीआई से खातों को हटाने एवं किसी भी शाखा में विभागीय धनराशि का लेन-देन न करने के निर्देश दिए।
डीएम ने फसली ऋण वितरण में और अधिक कार्य करने के निर्देश दिए। डीएम ने अच्छा कार्य करने वाले बैंकर्स को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया। लीड बैंक के प्रबंधक एके सिंह ने बताया कि जिले में 25580 नए केसीसी एवं 41151 नवीनीकरण लक्ष्य के सापेक्ष 31 अगस्त तक 43797 केसीसी का वितरण एवं नवीनीकरण किया गया, जो लक्ष्य का 65.63 प्रतिशत है।
फसली ऋण में 187097.96 लाख के सापेक्ष 31 अगस्त तक 61305.13 लाख का वितरण किया गया है, जो लक्ष्य का लगभग 33 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में 86 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित करने एवं केवीआईसी, केवीआईवी में बेहतर प्रदर्शन करने की जानकारी दी। बैठक में सीडीओ अंकित खंडेलवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मृणाली जोशी आदि तमाम बैंकर्स मौजूद रहे। संवाद