न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
कोरोना संक्रमण के बाद से फूलों के मंदे बाजार में नवरात्र के बाद से तेजी देखने को मिल रही है। दीपोत्सव आते ही फूलों की कीमतें दो गुने से लेकर तीन गुना तक बढ़ गई हैं। अच्छी बिक्री होने से फूल विक्रेताओं के चेहरे खिल गए हैं। मांग के अनुरूप बंपर तरीके से हुई खरीद से कई जगह तो फूलों की कमी भी हो गई। दीपों के उत्सव में घर-प्रतिष्ठान आदि को सजाने की वर्षों से परंपरा चली आ रही है।
इसमें घर के द्वार पर बंदनवार, फूलों की माला, अशोक के पत्तों से बनी लड़ी से सजावट आकर्षक सजावट की जाती है। ऐसे में लोग दीपोत्सव में पूजा स्थल से लेकर मुख्यद्वार तक फूलों से घर और प्रतिष्ठान को सजाते हैं। त्योहार पर गरीबों के घर में भी खुशियां आएं इसको लेकर लोग फूल, अशोक की पत्तियां, गुलाब और कमल के फूलों की खरीदारी कर रहे हैं। धनतरेस और छोटी दिवाली (नरक चतुर्थी ) पर फूलों की काफी मांग देखी गई। फूलों की कीमतें दोगुनी से लेकर तीन गुनी तक जा पहुंची हैं।
आम दिनों में थोक बाजार में छोटा गेंदा 80 से 110 रुपये प्रति किलो एवं बड़ा गेेंदा 160 से 180 रुपये किलो तक चल रहा था। नवरात्र में भी इसमें तेजी देखने को मिली थी। कुछ दिन तक सामान्य रहने के बाद अब फिर से फूलों के बाजार में तेजी देखने को मिल रही है। अब छोटा गेंदा 150 रुपये किलो, बड़ा गेंदा 250 के पार पहुंच गया है। सोमवार को दीपावली पर इनकी कीमतें और भी बढ़ जाने की संभावना है।
गुलाब 400 रुपये से लेकर 450 रुपये किलो तक जा पहुंचा है। लक्ष्मी जी को सबसे अधिक प्रिय कमल के एक फूल की कीमत 90 से लेकर 110 रुपये तक जा पहुंची है। सफेद रंग के गुलदाउदी के फूल की कीमत भी 200 रुपये प्रति किलो हो गई। अशोक की पत्तियों की लड़ी 60 रुपये लेकर 120 रुपये किलो तक जा पहुंची है।
इसके बावजूद लोग दिल खोलकर फूल-पत्तों की खरीदारी कर रहे हैं । फूल विक्रेता सोमेश, अनिकेत सैनी, बालकिशन का कहना है कि इस बार बारिश से फूलों की खेती में काफी नुकसान हुआ है, जिससे थोक एवं खुदरा कीेमतों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। भारी मांग को लेकर सोमवार को फूलों की कीमतों में और भी वृद्धि होना तय माना जा रहा है। संवाद