अलीगढ़ में दो साल रहे कोरोना काल के बाद मंगलवार को शाह जमाल ईदगाह मे पारंपरिक तरीके से ईद उल फितर पर मुस्लिम भाइयों ने नमाज अता कर अलीगढ़ सहित देश दुनिया में अमन चैन की दुआ मांगी। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की चाक-चौबंद इंतजाम किए गए, पुलिस प्रशासनिक अधिकारी और राजनीतिक दल के लोगों ने ईदगाह पहुंचकर लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
शहर मुफ्ती खालिद हामिद ने कहा ईद का त्यौहार आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। सभी को आपसी मजहबी दीवारें तोड़कर एक दूसरे के साथ प्रेम से मिल जुल कर रहना चाहिए। लाउडस्पीकर मामले पर उन्होंने कहा कि हुकूमत का फैसले पर सभी को अमल करना चाहिए और किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। लेकिन जहां ज्यादा संख्या में लोग नमाज अता करने आते हैं तो वहां लाउडस्पीकर की जरूरत इसलिए होती है कि इमाम द्वारा बताई जा रही इबादत की बातें नमाजियों तक पहुंचे और उनकी नमाज मुकम्मल तौर पर अता हो सके।
ईदगाह में नमाज अदा कराने के लिए जिला प्रशासन पूर्व से ही पूर्ण व्यवस्था की थी। नगर निगम द्वारा ईदगाह और उसके आसपास साफ-सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई। वही ईद के अवसर पर नवाज अता कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम किए गए। आज ईदगाह पर पारंपरिक तरीके से सरकार की गाइडलाइन अनुसार शांतिपूर्ण सकुशल ईद उल फितर की नमाज अता की गई है।