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अलीगढ़ : अमोनिया रिसाव के लिए अलदुआ फैक्टरी प्रबंधन दोषी, जांच रिपोर्ट शासन को भेजी

सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़शहर के प्रमुख मीट निर्यातक व बसपा नेता हाजी जहीर की मीट फैक्टरी अलदुआ फूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुई अमोनिया रिसाव की दुर्घटना फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से हुई। शासन द्वारा मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने यह बात अपनी पांच पेज की जांच रिपोर्ट में उल्लेखित की है। श्रम विभाग नाबालिगों से काम कराने के लिए, फैक्टरी विभाग वेल्ड पाइप से अमोनिया आपूर्ति के लिए, पुलिस विभाग सूचना न देने आदि के लिए कार्रवाई तय कर सकता है।
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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शहर के प्रमुख मीट निर्यातक व बसपा नेता हाजी जहीर की मीट फैक्टरी अलदुआ फूड प्रोसेसिंग यूनिट में हुई अमोनिया रिसाव की दुर्घटना फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से हुई। शासन द्वारा मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने यह बात अपनी पांच पेज की जांच रिपोर्ट में उल्लेखित की है। जांच टीम ने इस दुर्घटना के लिए प्रबंधन को तीन बिंदुओं पर दोषी मानते हुए शुक्रवार देर शाम शासन को रिपोर्ट भेज दी है। अब शासन स्तर से इस मामले में कार्रवाई तय की जाएगी और जो निर्देश मिलेगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल फैक्टरी व श्रम विभाग उजागर हुई लापरवाहियों को लेकर अपने स्तर से कार्रवाई शुरू करेगा।
29 सितंबर को अलदुआ मीट फैक्टरी की पैकेजिंग यूनिट में अमोनिया रिसाव से 59 महिलाकर्मी बेहोश हुई थीं। इस दुर्घटना पर फौरी तौर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रबंधन के छह लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे थे, जबकि मालिक उसी दिन से फरार है। प्रारंभिक जांच में वेल्ड पाइप से अमोनिया की आपूर्ति वाली बात उजागर हुई थी। उसी आधार पर मुकदमा लिखा गया था।
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बाद में शासन स्तर से मंडलायुक्त गौरव दयाल की अध्यक्षता में डीआईजी दीपक कुमार व जेडी उद्योग बीरेंद्र कुमार की संयुक्त जांच टीम बनाई थी। इस टीम ने मौके पर पड़ताल के साथ ही 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए। तीन सदस्यीय जांच टीम ने शुक्रवार देर शाम अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है, जिसमें तीन बिंदुओं पर दुर्घटना के लिए फैक्टरी प्रबंधन को जिम्मेदार माना है।
अब किस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार, तय करेंगे विभाग
इस दुर्घटना में शासन की जांच टीम ने तीन बिंदुओं पर मुख्यत: लापरवाही मानी है। इसमें कौन किस पार्ट पर जिम्मेदार है, इसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदारी तय करेंगे। श्रम विभाग नाबालिगों से काम कराने के लिए, फैक्टरी विभाग वेल्ड पाइप से अमोनिया आपूर्ति के लिए, पुलिस विभाग सूचना न देने आदि के लिए कार्रवाई तय कर सकता है। बाकी सामूहिक जिम्मेदारी शासन स्तर से भी तय होने की उम्मीद है। रहा सवाल मालिक का तो पुलिस विवेचना में उसकी भूमिका तय की जा रही है। बाकी शासन से जो निर्देश मिलेगा, उस पर कार्रवाई होगी।
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- अमोनिया रिसाव मामले में शुक्रवार देर शाम जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। पांच पेज की रिपोर्ट में तीन बिंदुओं पर फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही तय की गई है। अब शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कारखाना व श्रम विभाग उजागर लापरवाहियों पर कार्रवाई करेगा। अपनी जांच में वह तय करेगा कि कौन कितना जिम्मेदार है। बाकी कार्रवाई शासन तय करेगा।
- गौरव दयाल, मंडलायुक्त
लापरवाही की तीन प्रमुख वजह
- पाइप में जिस जगह से अमोनिया रिसाव हुआ, वह जगह वैल्ड थी। उसका तकनीकी टीम से थर्ड पार्टी अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं था।
- दुर्घटना के बाद नियमानुसार इस तरह की घटना में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना देनी चाहिए। मगर काफी देर तक छिपाए रहे थे।
- दुर्घटना में बेहोश सभी कर्मचारी फीमेल थीं। जिनमें काफी संख्या में नाबालिग भी पाई गईं। यह भी नियम के खिलाफ पाया गया है।
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