महालेखाकार लेखा एवं हकदारी प्रथम के निरीक्षण दल ने बुधवार को विभिन्न विषयों पर विसंगतियों के निराकरण एवं लेखा से संबंधित अन्य प्रकरणों पर जनपद के समस्त आहरण वितरण अधिकारियों एवं बिल सहायकों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। महालेखाकार कार्यालय से सहायक लेखा अधिकारी सुनील गुप्ता ने बताया कि विभागों द्वारा भेजे गए बिलों एवं जीपीएफ में होने वाली त्रुटियों को दूर करने के लिए के उद्देश्य से बैठक हुई। बताया गया कि भविष्य निधि पासबुक में सभी प्रविष्टियां त्रुटि विहीन, स्वच्छ, साफ और नियमित रूप से भरी जाएं।
अभिदान प्रारंभ होने की शुरुआती तिथि एवं माह अवश्य अंकित किया जाए, ताकि मिसिंग गणना सही से हो सके। बाउचर संख्या एवं सकल धनराशि पूर्ण रूप से भरी जाए। सारी प्रविष्टियां आहरण-वितरण अधिकारी से सत्यापित होनी चाहिए। पासबुक की लेखाबंदी भी अवश्य की जाए। आहरण के कालम को आहरण-वितरण अधिकारी से सत्यापित कराया जाए। ऐसे कर्मचारी अधिकारी जिनका स्थानांतरण जल्दी-जल्दी हो रहा है तो आहरण के समस्त कालम को डीडीओ से सत्यापित करा लिया जाए। यदि भविष्य निधि से धनराशि निकाली गई है तो उसका अंकन किया जाए। यदि धनराशि नहीं निकाली गई है तो उस पर निल लिखकर के डीडीओ से सत्यापन कराया जाए। अभिदाता से हर छह माह में पासबुक का अवलोकन एवं सत्यापन अवश्य कराया जाए। सभी प्रविष्टियां सही से भरे होने पर किसी दुर्घटना के बाद भुगतान एवं दावा निस्तारण में कोई समस्या नहीं आती है। ऐसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो प्रोन्नति पाकर तृतीय श्रेणी में आ गए हैं, वह निर्धारित प्रोफार्मा भरकर नवीन खाता संख्या आवंटित करा लें। चतुर्थ श्रेणी के दौरान अभिदान को ब्याज सहित नवीन खाते में स्थानांतरित कर लें। किसी भी प्रकार की विसंगतियां होने पर पासबुक की प्रमाणित छायाप्रति के साथ महालेखाकार एवं लेखा एवं अधिकारी कार्यालय प्रथम को तत्काल पत्राचार करें।