फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नूरपुर कांड: तीनों की मौत सिर में चोट से हुई, कभी इलाके का चर्चित कबड्डी खिलाड़ी था आरोपी अफजाल

Thu, 09 May 2024 02:58 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

टप्पल के नूरपुर में आरोपी ने दो लोगों की हत्या कर दी थी, फिर स्वयं भी उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में तीनों की मौत सिर पर चोट लगने से आई है। नूरपुर कांड का आरोपी अफजाल की पहचान कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी के रूप में थी। कुछ समय से वह मानसिक रूप से बीमार हुआ। जिसका दिल्ली में उपचार भी चल रहा था।
विज्ञापन
मृतक आरोपी अफजाल - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टप्पल क्षेत्र के संवेदनशील गांवों की सूची में शामिल नूरपुर में 8 मई सुबह दिन निकलते ही तीन लोगों की हत्या से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। मरने वालों में आरोपी और एक अन्य ग्रामीण के एक ही समुदाय के होने से पुलिस ने थोड़ी राहत महसूस की। कुछ समय पहले तक आरोपी की पहचान कबड्डी के अच्छे खिलाड़ी के रूप में थी।
विज्ञापन


फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिस अफजाल पर दो लोगों की हत्या करने का आरोप लगा, उसके विषय में उजागर हुआ कि वह मानसिक रोगी था। परिवार उसे 8 मई सुबह ही इलाज के लिए दिल्ली ले जाने की तैयारी में था। मगर वह 7 मई रात एक बजे के बाद से अपने घर से लापता हो गया था। फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद अफजाल के शव को परिजन साथ जेवर ले गए हैं। अब वे अंतिम संस्कार के बाद अपनी ओर से तहरीर दी जानी है या नहीं, इस पर निर्णय लेंगे।

अफजाल का गांव अलियाबाद मेहंदीपुर थाना जेवर गौतमबुद्धनगर क्षेत्र में आता है और वह अलीगढ़ जिले की सीमा से सटा हुआ है। अफजाल के चार बच्चे हैं, जिनमें बेटी शिमरन (8), जोया (5), नाजिया (2) और बेटा फैजान (4) है। छह भाई और दो बहनों में वह खुद दूसरे नंबर का था। मजदूर पेशा परिवार का अफजाल खुद भी मजदूरी करता था। कुछ समय से वह मानसिक रूप से बीमार हुआ। जिसका दिल्ली में उपचार भी चल रहा था। उसकी हरकतों के चलते परिवार ने उसको अलग कर दिया था। वह बच्चों के साथ अलग रह रहा था।
विज्ञापन


8 मई को उसे दिल्ली ले जाने की तैयारी थी। इसी बीच रात में एक बजे वह गायब हो गया। सुबह उसके माता पिता ने प्रधान से कहकर गांव की मस्जिदों से संदेश भी प्रसारित कराया। मगर उसकी कोई सूचना नहीं मिली। दो घंटे बाद उसके नूरपुर में मारे जाने की खबर मिली। मुस्लिम आबादी वाले गांव नूरपुर में अफजाल के गांव की कई रिश्तेदारियां हैं। पूर्व में भी वह कबड्डी खेलने नूरपुर आ चुका था। कुछ लोग उसे जानते भी थे।
 
विज्ञापन

तीनों के पोस्टमार्टम में सिर में चोट से मौत होना पाया

इस घटना में अफजाल और उसके द्वारा मारे गए लालाराम व जफर के शवों का दोपहर में पोस्टमार्टम हुआ। तीनों की मौत का कारण सिर में चोट लगने व खून के थक्के जमना आया है। लालाराम को अफजाल ने मारने के बाद जला दिया था, जिसकी वजह से उनका शरीर अस्सी फीसदी जला हुआ पाया गया। अफजाल के कान के पास मारपीट की चोट के निशान भी पाए गए। लालाराम व जफर के शवों को उनके परिजन गांव ले गए और अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम कराने से लेकर अंतिम संस्कार तक पुलिस टीमें सक्रिय रहीं।

लालाराम के भाई ने कराया दो हत्याओं का मुकदमा
नूरपुर में ग्रामीण लालाराम व जफर की हत्याओं का मुकदमा लालाराम के भाई नौर सिंह की ओर से कराया गया है। इसमें कहा है कि उनके भाई अपने खेत पर मूंग की फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी अज्ञात व मनोरोगी व्यक्ति ने आकर उन पर डंडे से हमला कर दिया। बाद में उन पर अपने कपड़े उतारकर व बुर्जी से भुस डालकर आग लगा दी। इससे उनकी मौत हो गई। इसी बीच उस घटना से 200 मीटर दूरी पर नग्न अवस्था में पहुंचकर आरोपी ने खेत पर पानी लगा रहे जफर पर डंडे से हमला कर दिया। जिससे जफर की भी मौत हो गई। बाद में ग्रामीणों द्वारा शोर शराबे पर उसे घेरा गया। एसपी देहात पलाश बंसल के अनुसार अभी यह मुकदमा अज्ञात में दर्ज किया गया। पहचान के बाद उसका नाम उजागर किया गया। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी देहात, खैर क्षेत्राधिकारी, टप्पल-पिसावा थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पर फॉरेन्सिक टीम ने पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू की। अब अगर मृतक अफजाल के परिजन तहरीर देंगे तो उसमें भी विवेचनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

शुरुआत में कुछ संगठन हुए लामबंद, फिर हुए शांत
इस घटना की खबर जब शुरुआत में इलाके में फैली तो गांव नूरपुर के चलते कुछ संगठन लामबंद होने लगे। मगर जब पता चला कि इसमें दोनों ही समुदायों के लोगों की मौत हुई है, तब वे शांत हुए।

गांव नूरपुर में शोक की लहर
जफर और लालाराम व आरोपी अफजाल की मौत के बाद गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। लालाराम दो बेटों नरेश व अनिप का पिता था। घर में पत्नी कमलेश भी है। जफर के पांच बच्चों में सबसे बड़ी बेटी सोनी की शादी हो चुकी है, जबकि चार बेटे मुजाहिद, शाहिद, गयूर, अरहान हैं।परिजनों ने बताया कि जफर गांव में स्थित चेरी गोल्ड फार्म हाउस में सिक्योरिटी की नौकरी करता था। खेत में पानी लगाने के बाद उसे ड्यूटी पर जाना था। इससे पहले ही घटना का शिकार हो गया। गय्यूर ने नग्न हालत में महिलाओं के पीछे दौड़ रहे सिरफिरे को पकड़ने का प्रयास किया था। मृतक लालाराम के परिवार में दो बेटा व दो बेटी शादीशुदा हैं एवं मृतक गयूर के परिवार में चार बेटे व रखा बेटी हैं। घटना के बाद से दोनों परिवारों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें