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आरिफ, आजम के बाद सियासत में एएमयू की नुमाइंदगी पड़ी कमजोर

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इकराम वारिस, अलीगढ़।
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चार दशक से मुल्क की सियासत में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) की नुमाइंदगी कमजोर पड़ी है। 70 के दशक में छात्रसंघ चुनाव की प्रयोगशाला से निकले आरिफ मोहम्मद खान और आजम खां सरीखे सियासतदां को छोड़ दें तो कोई भी ऐसा नेतृत्व नहीं है, जो देश की राजनीति की क्षितिज पर चमक बिखेर रहा हो। एएमयू छात्र संघ का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां से बौद्धिक प्रतिभाएं भी निकलीं, जिनका अदब और इल्म की दुनिया अहम नाम है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) के चुनाव का एलान होते ही छात्र संघ चुनाव की आवाज एएमयू गलियारों में उठने लगी है। पिछले तीन साल से छात्र संघ का चुनाव नहीं हुआ। आखिरी बार 2018-2019 में चुनाव हुआ था। जानकारों का कहना है कि चुनाव से नेतृत्व निकलता है।
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पहली बार छात्रसंघ का चुनाव 1920-21 में हुआ था, जिसमें अध्यक्ष केएम खुदा बख्श चुने गए थे। गौरतलब हो कि सर सैयद अहमद खान ने 1875 में सात छात्रों के साथ मदरसा शुरू किया था, जो सन 1877 में मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज में तब्दील हो गया। कॉलेज में डिबेटिंग क्लब था, जो 1884 में सिडंस यूनियन क्लब हो गया। 1920 में कॉलेज विश्वविद्यालय बन गया।
एएमयू छात्र संघ की प्रमुख शख्सियतें
एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एसोसिएट इंचार्ज डॉ. राहत अबरार ने बताया कि सिडंस यूनियन क्लब 1920 में एएमयू बनने के बाद छात्र संघ (एएमयूएसयू) में तब्दील हो गया। 1918 में क्लब के उपाध्यक्ष जाकिर हुसैन थे, जो बाद में भारत के राष्ट्रपति बने। इनके बाद 1924-25 में केजी सैयदैन एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष बने, जो भारत सरकार में शिक्षा सचिव रहे।
1925-26 के अध्यक्ष कुंवर अशरफ अली खान प्रख्यात इतिहासकार हुए। 1934-35 में अध्यक्ष बने आले अहमद सुरूर भारतीय उपमहाद्वीप में उर्दू अदब के बड़े साहित्यकार हुए। उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। 1941-42 में अध्यक्ष चुने गए अजीजुर्रहमान उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बने। 1946-47 में अध्यक्ष रहे एटीएम मुस्तफा आईएएस अधिकारी बने। 1953-54 में दक्षिण अफ्रीका के मो. अमीन बुलबुलिया एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे।
1958-59 में अध्यक्ष बने आबिदउल्ला गाजी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहे। 1962-63 में अध्यक्ष अनीस उर शेरवानी छर्रा से विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे। 1967-68 में चुने गए अध्यक्ष मोहम्मद अदीब राज्य सभा के सदस्य रहे। 1972-73 के अध्यक्ष आरिफ मोहम्मद खान उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार में मंत्री बने और मौजूदा वक्त में केरल के राज्यपाल हैं।
1989-90 में अध्यक्ष हाफिज मोहम्मद उस्मान सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन बने। 2006-07 में अध्यक्ष नफीस अहमद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में विधायक हैं। 1972-73 में एएमयू छात्र संघ के सचिव रहे आजम खां उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और वर्तमान में विधायक हैं।
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अलीगढ़ के मेयर मोहम्मद फुरकान एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष व अध्यक्ष रह चुके हैं। 1980-81 में सचिव निर्वाचित हुए मोहम्मद अली अशरफ फातिमी बाद में केंद्रीय राज्य मंत्री बने। डॉ. मेराजुद्दीन उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री बने। इनके अलावा पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री खालिद मसूद भी एएमयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे हैं।
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