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कोल तहसील में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं का हंगामा

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तहसील कोल का गेट बंद कर अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते अधिवक्ता। - फोटो : CITY OFFICE
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कोल तहसील में मंगलवार को तहसील राजस्व बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तहसील में भ्रष्टाचार एवं अफसरों की कार्यशैली को लेकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने तहसील में जलूस निकाला और मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं ने न्यायालय के कार्य बहिष्कार का भी एलान किया है।
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सुबह अधिवक्ताओं ने तहसील में बैठक की, फिर परिसर में तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इसके बाद मुख्य द्वार पर आ गए। यहां वे धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह एवं महासचिव अभय कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि तहसील में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अफसरों की कार्यशैली ठीक नहीं है। आरोप लगाया कि अधिकारी अपने कार्यालयों के दरवाजे बंद कर भूमाफिया और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों से मिलकर कार्य कर रहे हैं और बदले में घूस ले रहे हैं, जबकि अधिवक्ताओं के सही कार्यों को भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तहसील में कई कर्मचारी छह-सात साल बाद भी जमे हैं। अफसरों के चहेते होने के कारण इनका कहीं स्थानांतरण नहीं हो रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि कि भ्रष्ट अफसर एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण न होने तक सभी न्यायालयों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्रदर्शन करने वालों में नीरज सिंह, राजकुमार भारद्वाज, संतोष सिंह, आनंद विक्के, आरके पाठक, निधीश भट्ट, मलखान सिंह, राजबहादुर सिंह, रामवीर सिंह, जीपी सिंह, महावीर सिंह, शैलेंद्र सिंह, रवि चौहान, चेतन शर्मा, राजेंद्र गहलोई, ओपी शर्मा, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
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सभी अधिवक्ताओं को न्यायालय में पूरा समय दिया जाता है। कार्यालयों में नियमित जन सुनवाई होती है। कुछ अधिवक्ता गलत काम करने को अनावश्यक दबाव डाल रहे थे। एक अधिवक्ता से सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराई गई है। इसको लेकर जानबूझकर विरोध कर रहे हैं।
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- संजीव ओझा, एसडीएम कोल
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