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अधिवक्ता घर पर और उनको लगा दिया एहतियाती टीका

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स्वास्थ्य महकमे में भी खेल अजब-गजब होते रहते हैं। ताजा एक ऐसा मामला आया है कि महिला अधिवक्ता को कागजों में कोरोना की एहतियाती डोज लगा दी गई, जबकि उस वक्त वह अपने घर पर मौजूद थीं। फिलहाल, फर्जीवाड़े का अंदेशा जताते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई है।
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ये वाकया घटित हुआ 23 जुलाई की दोपहर 1:42 बजे नौरंगाबाद निवासी अधिवक्ता पूनम संग। अधिवक्ता के अनुसार, वह उस समय अपने घर पर मौजूद थीं। तभी उन्हें उनके मोबाइल पर संदेश मिला कि जवां स्वास्थ्य केंद्र पर उन्हें कोविड की एहतियाती डोज लग गई है। तत्काल उन्होंने अपने अधिवक्ता पति प्रतीक चौधरी को अवगत कराया। प्रतीक चौधरी ने कोविड संबंधी वेबसाइट पर देखा तो बैच नंबर सी 1022017 से पूनम कश्यप के नाम से ही सर्टिफिकेट भी डाउनलोड हो गया। पूनम के नाम से उनका आधार नंबर भी अंकित था। इसे लेकर कोविड हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत की गई। मगर वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें जवां सीएचसी स्टाफ पर किसी लालच में उनके फर्जी दस्तावेज व हस्ताक्षर के आधार पर किसी अन्य को टीका लगाने का आरोप लगाया है। इस फर्जीवाड़े में अब पुलिस को भी शिकायत भेजे जाने की तैयारी है।
पहले भी होते रहे हैं ऐसे ही फर्जीवाड़े
जिले में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नौरंगाबाद पीएचसी के कोविड टीके नोएडा तक पहुंच गए और वहां एक हाउसिंग सोसाइटी में कैंप लगाकर टीके लगा दिए गए। खुलासा होने पर मुकदमा दर्ज कराया गया, मगर बाद में बात दबा दी गई है। इसके अलावा पूर्व में इसी तरह लोगों को बिना टीके लगे प्रमाण पत्र जारी होने और किसी अन्य के नंबर पर किसी अन्य को टीके लगने के प्रकरण भी आते रहे हैं।
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- ये जानबूझकर की गई गड़बड़ी नहीं, बल्कि गलत मोबाइल नंबर दर्ज हो जाने का मामला हो सकता है। इसे खुद वह व्यक्ति डिलीट भी कर सकते हैं, जिनके नाम से किसी को टीका लग गया है। बाकी सच्चाई जांच में दिखवा ली जाएगी।
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- डॉ.नीरज त्यागी, सीएमओ
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