गांव हारनपुर कला में गंगा तट से लगी 41.74 हेक्टेयर जमीन पर मंगलवार से दोबारा पौधरोपण शुरू हो गया है। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन गंगा के नाम दर्ज है, जबकि ग्रामीण इसे अपनी बता रहे हैं। पौधरोपण के बीच ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। हालांकि शाम के समय ग्रामीण अपने-अपने घरों को चले गए।
मंगलवार को एसडीएम अतरौली अनिल कटियार, रेंजर महफूज अली, रेंजर गौरव सिंह, थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार मलिक फोर्स के साथ पहुंचे और पौधरोपण शुरू कराया। खबर मिलते ही ग्रामीण वहां पहुंच गए और अपनी जमीन बताकर पौधरोपण का विरोध करने लगे। करीब दो घंटे तक पौधरोपण रुका रहा। एसडीएम ने समझाने की कोशिश की। इस दौरान उनकी किसानों से नोकझोंक हुई।इसके बाद वन विभाग की टीम ने पौधरोपण शुरू करा दिया।
ग्राम प्रधान पवन कुमार ने बताया 1970 में गांव की जमीन कटकर गंगा में चली गई थी। इस जमीन को वह बराबर जोत-बो रहे हैं।अप्रैल में भी किसानों ने अपनी-अपनी गेहूं की फसल काटी है। किसान पप्पू के अनुसार डीएम से समस्या बताई थी। सोमवार को गांव आए एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने पौधरोपण के लिए 30 हेक्टेयर जमीन छोड़ने की बात कही थी। 45 साल पुराने कागजों में पिता का नाम दर्ज है। अब प्रशासन उनकी जमीन पर जबरन पौधरोपण करा रहा है।
गांव में आज होगी भाकियू की पंचायत
ग्राम प्रधान पवन कुमार ने बताया कि शाम के समय ग्रामीण अपने-अपने घर चले गए। भाकियू टिकैत के नेताओं से बात हुई है। बुधवार को भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य नेता गांव आकर पंचायत करेंगे। पंचायत में ही अफसरों को भी बुलाएंगे।