भगवती देवी के अनुसार हर बार सांप के डसने पर उन्हें अर्धबेहोशी छा जाती है। मुंह से आवाज नहीं निकलती। शरीर पूरी तरह शिथिल पड़ जाता है। आंखें भी खुलती-बंद होती रहती हैं। यह स्थिति करीब ढाई से तीन घंटे तक रहती है।
घर पर भी दिखा सांप, लेकिन काला था
मंगलवार की शाम ही दिलीप सिंह के घर पर भी एक सांप दिखा। इस पर परिजनों ने समझा कि वही सांप है जो खेत में भगवती देवी को डसता है। पीछा करके घर तक आ गया है। हालांकि समीप से देखने पर उसका रंग काला नजर आया। परिजन उसे मारने दौड़े तो वह सरसराते हुए किसी बिल में जा छिपा।
90 प्रतिशत सांपों में जहर नहीं होता है। हो सकता है कि घबराहट की वजह से मरीज बेहोश हो जाता हो। सर्प दंश के बाद पीड़ित की झाड़फूंक न कराए, उसे स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आएं। -डाॅ. नितिन अडाना, सीएचसी अधीक्षक, गोंडा।