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महिला के पीछे पड़ा सांप: तीन माह में तीसरी बार डसा, डर की वजह से चली गई मायके

Thu, 17 Oct 2024 05:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भगवती देवी के अनुसार हर बार सांप के डसने पर उन्हें अर्धबेहोशी छा जाती है। मुंह से आवाज नहीं निकलती। शरीर पूरी तरह शिथिल पड़ जाता है। आंखें भी खुलती-बंद होती रहती हैं। यह स्थिति करीब ढाई से तीन घंटे तक रहती है।
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सांप - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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गांव सोनोंठ में एक सर्प एक महिला के पीछे पड़ गया है। तीन माह में तीसरी बार 15 अक्टूबर को खेत में सांप ने महिला को डस लिया है। महिला फिलहाल स्वस्थ है और डर की वजह से वह अपने मायके चली गईं।

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गांव सोनोंठ निवासी 40 वर्षीय भगवती देवी पत्नी दिलीप सिंह 15 अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे खेतों पर काम कर रही थीं। इसी दौरान उक्त सर्प ने उनके पैर के अंगूठे में डस लिया। इस पर वह चीखीं तो समीप ही खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण दौड़कर पास पहुंचे। खबर पाकर परिवार वाले भी भागते हुए खेतों पर पहुंचे।

दिलीप सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी को सांप ने तीसरी बार डसा है। इससे 21 सितंबर और 17 अगस्त को भी खेत में ही काम करने के दौरान डस चुका है। हर बार सुबह का समय था। उन्होंने बताया कि यह सांप लाल रंग का है, जिसकी लंबाई करीब डेढ़ फुट है। पूरी त्वचा पर सफेद रंग के धब्बे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के सांप खेतों में मिलते हैं। इनमें जहर कम होता है।
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अंधविश्वास के शिकार परिजन सांप के डसने के बाद महिला को स्वास्थ्य केंद्र पर या चिकित्सक के पास ले जाने के बजाय हर बार बायगीर के पास ले गए और उसकी झाड़फूंक कराई। परिजनों का कहना है कि करीब तीन घंटे के बाद महिला को आराम मिल जाता है।

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सर्प के डसने पर अर्धबेहोशी छा जाती है

भगवती देवी के अनुसार हर बार सांप के डसने पर उन्हें अर्धबेहोशी छा जाती है। मुंह से आवाज नहीं निकलती। शरीर पूरी तरह शिथिल पड़ जाता है। आंखें भी खुलती-बंद होती रहती हैं। यह स्थिति करीब ढाई से तीन घंटे तक रहती है।

घर पर भी दिखा सांप, लेकिन काला था
मंगलवार की शाम ही दिलीप सिंह के घर पर भी एक सांप दिखा। इस पर परिजनों ने समझा कि वही सांप है जो खेत में भगवती देवी को डसता है। पीछा करके घर तक आ गया है। हालांकि समीप से देखने पर उसका रंग काला नजर आया। परिजन उसे मारने दौड़े तो वह सरसराते हुए किसी बिल में जा छिपा।
90 प्रतिशत सांपों में जहर नहीं होता है। हो सकता है कि घबराहट की वजह से मरीज बेहोश हो जाता हो। सर्प दंश के बाद पीड़ित की झाड़फूंक न कराए, उसे स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर आएं। -डाॅ. नितिन अडाना, सीएचसी अधीक्षक, गोंडा।
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