बन्नादेवी थाना क्षेत्र के शक्ति विहार इलाके में सैन्यकर्मी के मकान की तीसरी मंजिल से फेंकी गई युवती मोनिका की शुक्रवार शाम को मौत हो गई। उसका जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। वहीं, दोपहर में आरोपी सैन्यकर्मी देवेंद्र को जेल भेज दिया गया। अब मुकदमे में धाराएं बदलने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
घटना बुधवार देर शाम की है, जब सैन्यकर्मी देवेंद्र व उसका शिक्षक भाई जख्मी हालत में युवती को बाइक से लेकर जा रहे थे। तभी लोगों ने घेरकर उन्हें पकड़ लिया था और पिटाई के बाद पुलिस को सौंप दिया था। गंभीर रूप से घायल युवती को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। जानकारी पर बृहस्पतिवार को कासगंज क्षेत्र के गांव बेघला कोफ्ता से युवती की मां मीरा, भाई व बहन आदि मेडिकल कॉलेज पहुंच गए थे, जिन्होंने अपनी बेटी की पहचान 19 वर्षीय मोनिका के रूप में की थी।
उन्होंने अपने रिश्तेदार सैन्यकर्मी देवेंद्र, उसकी सास व चचिया ससुर जगपाल उर्फ गप्पाल पर युवती को छत से फेंकने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें कहा कि वह बीमारी का उपचार कराने के बहाने बेटी को यहां लाए थे और उस पर जबरन शादी का दबाव बनाया। बात न मानने पर उसे तीसरी मंजिल से फेंक दिया।
इंस्पेक्टर बन्नादेवी पंकज मिश्रा के अनुसार, युवती को मृत घोषित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। मुकदमे में नामजद देवेंद्र को फिलहाल हमले के मुकदमे में जेल भेजा गया है। अब विवेचना में धाराएं बदलने की प्रक्रिया होगी। बाकी अन्य नामजदों की तलाश जारी है।
गंभीर थीं चोटें, ठीक से नहीं हुआ उपचार
मां मीरा देवी ने बताया कि उनके पति की पूर्व में मौत हो चुकी है। सात बच्चों में पांच बेटी व दो बेटों में मोनिका चौथे नंबर की थी। खेती व मजदूरी से परिवार चल रहा है। बेटी के सिर, गर्दन व हाथ में गंभीर चोट लगी थी, जबड़ा टूट गया है। इसलिए वह ठीक से होश में भी नहीं आई थी। डॉक्टरों ने बेहतर तरीके से उपचार भी नहीं किया। इसी के चलते उसकी मौत हुई है।