फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Indian Railways: ए श्रेणी का स्टेशन, फिर भी अलीगढ़ से बिना रुके गुजर जाती है 251 ट्रेनें

Wed, 24 Aug 2022 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो रिंकू शर्मा, अलीगढ़

सार

कई जनप्रतिनिधि आए और गए। रेलवे की उपेक्षा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उचित पैरवी न होने से किसी नई ट्रेन का अलीगढ़ में ठहराव नहीं हो सका । हालांकि मौजूदा भाजपा सांसद सतीश गौतम ने गंभीरता से अलीगढ़ में कुछ अहम ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है।
विज्ञापन
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन का फोटो । संवाद - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-हावड़ा रेल रूट पर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन ए श्रेणी में गिना जाता है। यहां से लगभग 300 ट्रेनें गुजरती हैं। शिक्षा और ताला उद्योग के लिए विख्यात इस शहर को मुंह चिढ़ा कर 251 ट्रेनें बिना रुके आगे बढ़ जाती हैं।

विज्ञापन


राजधानी, कानपुर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी शिवगंगा एक्सप्रेस, आदि ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन नतीजा सिफर है। इसके अलावा, यहां से ईएमयू पैसेंजर ट्रेनों को छोड़ दिया जाए तो कोई भी एक्सप्रेस/सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन नहीं होता है।

कई जनप्रतिनिधि आए और गए। रेलवे की उपेक्षा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उचित पैरवी न होने से किसी नई ट्रेन का अलीगढ़ में ठहराव नहीं हो सका । हालांकि मौजूदा भाजपा सांसद सतीश गौतम ने गंभीरता से अलीगढ़ में कुछ अहम ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई है। लेकिन उनकी अपनी ही सरकार इस मांग को पूरा करने में देर कर रही है।
विज्ञापन


दक्षिण भारत के लिए ट्रेन चलाएं
अलीगढ़ से औसतन करीब 30 लाख रुपये का रोजाना ताले का कारोबार होता है। रेल मंत्रालय अगर दक्षिण के लिए नई ट्रेनों का संचालन करे तो शहर को राजस्व का फायदा मिलेगा।

ईएमयू में बढ़ें कोच
यहां से दिल्ली व टूंडला तक चलने वाली ईएमयू पैसेंजर ट्रेनों में हर रोज औसतन दस हजार से अधिक दैनिक यात्री सफर करते हैं। मुसाफिरों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, लेकिन ईएमयू पैसेंजर ट्रेनों में पांच साल पहले जितने कोच थे, उतने आज भी हैं। इन कोचों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है।

Trending Videos
विज्ञापन

अलीगढ़ एक नजर में
  • अलीगढ़ स्टेशन से रोजाना करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं।
  • अलीगढ़ स्टेशन पर 49 ट्रेनों का ठहराव होता है।
  • प्रतिदिन करीब 25 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं।
  • रेलवे स्टेशन पर सात प्लेटफार्म हैं।
इन ट्रेनों के ठहराव की मांग
  • वंदे भारत, राजधानी, मारवाड़ी विक्रमशिला, रांची गरीब रथ, अमृतसर से चलने वाली साप्ताहिक पंजाब मेल का संचालन मथुरा आगरा की बजाय दिल्ली गाजियाबाद वाया अलीगढ़- टूंडला से हो।
  • कानपुर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-वाराणसी शिवगंगा एक्सप्रेस का ठहराव होने के साथ ही दादर-बरेली एक्सप्रेस भी चले।
  • अलीगढ़-नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस का संचालन हो। पलवल ईएमयू का संचालन टूंडला के बजाय अलीगढ़ से होते हुए मितावली के रास्ते आगरा फोर्ट, आगरा कैंट तक हो।
  • अलीगढ़ से वाया आगरा-अजमेर तक ट्रेन संचालित की जाए।
  • अलीगढ़ में एएमयू जैसा शिक्षण संस्थान है। इसे दूसरे शिक्षण केंद्र पुणे से सीधा जोड़ने के लिए ट्रेन चलाई जाए।
  • हाथरस किला स्टेशन से अलीगढ़ तक बंद पड़ी पैसेंजर का दिन में दो बार संचालन हो।
  • अलीगढ़-हाथरस के बीच मेंडू के पास बने रेलवे ट्रैक से करीब डेढ़ किलोमीटर तक नई लाइन डाल दी जाए तो अलीगढ़ से हाथरस और कासगंज को मथुरा से जोड़ा जा सकेगा। इससे भरतपुर, बांदीकुई और मुंबई तक का सफर आसान हो सकेगा।
स्टेशन पर यात्रियों के लिए तमाम सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही राजधानी समेत महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। - संजय पंडित, सदस्य रेलवे परामर्श समिति
अलीगढ़ से दिल्ली जाने वाले नौकरीपेशा लोगों की सुविधा के लिए यहां से इंटरसिटी ट्रेन का संचालन होना चाहिए । - अरविंद तिवारी, दैनिक यात्री संघ
अलीगढ़ स्टेशन बेहद महत्वपूर्ण है। यहां कानपुर-दिल्ली स्वर्ण शताब्दी का ठहराव होना चाहिए। इससे यात्रियों को लाभ मिल सकेगा। - कौशल गुप्ता, यात्री
एएमयू के अलावा तालों के लिए अलीगढ़ स्टेशन पर यात्रियों की मांग के अनुरूप कुछ नई ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। - प्रियंका सिंह, रेलवे परामर्श समिति
अलीगढ़ जंक्शन पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ ही यहां दिल्ली-हावड़ा राजधानी, कानपुर-दिल्ली स्वर्ण शताब्दी, विक्रमशिला के ठहराव के साथ ही मुरी एक्सप्रेस के ठहराव का समय बढ़ाने समेत कई प्रस्ताव भेजे गए हैं। - सतीश गौतम, सांसद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें