अलीगढ़ (ब्यूरो)। गत वर्ष 26 सितंबर को जब देव आनंद के 88 वें जन्मदिन पर प्रख्यात गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ फोन पर उन्हें बधाई दे रहे थे तो अंदाजा न था अगले जन्मदिन पर देव आनंद हमारे बीच नहीं होंगे। 1970 में जब देवानंद ने निर्देशक के रूप में पहली फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ बनाई तो उसके गीत नीरज ने लिखे और 2011 में जब आखिरी फिल्म चार्जशीट बनाई तो उसका भी गीत नीरज ने लिखा। नीरज और देवानंद का आमना-सामना सन 1965 के आस-पास मुंबई में आयोजित एक कवि सम्मेलन में हुआ जिसकी अध्यक्षता देवआनंद कर रहे थे। गीत सुनकर उसी समय देवानंद ने सोच लिया था कि जब कभी वह अपनी निर्देशित फिल्म बनाएंगे नीरज उसके गीत लिखेंगे। इस तरह नीरज और देवानंद का 46 वर्ष पुराना साथ रहा। फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ में उन्होंने पहला गीत..रंगीला रे.. लिखा। यह गीत देवानंद का लाइफ टाइम पसंदीदा गीत रहा। इस बात का जिक्र खुद देवानंद ने अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में भी किया है। देवानंद की पहली निर्देशित फिल्म को लिखा गीत-‘रंगीला रे,तेरे रंग में यू रंगा है मेरा मन’ देवानंद आखिरी निर्देशित फिल्म को लिखा गीत- ‘मेरा इश्क भी तू, मेरा प्यार भी तू..’