अलीगढ़। बेशक पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उन तमाम सवालों को झुठला दिया, जो डॉ. स्तुति और डॉ. प्रशांत के बेडरूम के हालात देखने के बाद हर जेहन में उठे। मगर फिर भी सवाल तो सवाल हैं, आखिर इन सवालों और तथ्यों का झुठलाया तो नहीं जा सकता। क्वारसी थाने में पुलिस पूछताछ में डॉ. स्तुति की मां सुनीता कपूर, पिता चंद्रमोहन कपूर और भाई संचित कपूर ने बताया कि डॉ. प्रशांत से जिस वक्त स्तुति की शादी तय हुई, उउन्होंने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित रामडा पैलेस नामक होटल में शादी का प्रस्ताव जिद करके रखा और पूरा भी करवाया। 2 दिसंबर, 2010 को शादी के बाद जनवरी में दहेज में पोलो फॉक्स वैगन कार मांगी और उस मांग को पूरा भी किया गया। इसके बाद जब स्तुति पढ़ाई के लिए आगरा रही तो वह लोग उस पर शक करने लगे और तमाम तरह के लांछन लगाने लगे। इसकी शिकायत अक्सर स्तुति ने परिवार से की, लेकिन बेटी को समझाया गया। पिछले दिनों जब स्तुति ने गर्भधारण किया तो पहले तो इस बात की जिद की गई कि वह अभी बच्चा नहीं चाहते हैं, लेकिन जब स्तुति नहीं मानी तो कहा कि उन्हें सिर्फ बेटा चाहिए। बेटी किसी कीमत पर नहीं। बहरहाल तमाम झंझावातों के बीच गाड़ी किसी तरह पटरी पर दौड़ती रही, मगर 11 जून को यहां आने के बाद स्तुति लगातार अपनी मां से कह रही थी कि यहां उसका मन नहीं लग रहा। वह मायके आना चाहती है। इसी बीच पता नहीं क्या हुआ कि उनकी बेटी की सहसा मौत हो गई। हालांकि परिवार के एक तर्क को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दरकिनार कर दिया है, जिसमें स्तुति के गर्भ में साढ़े तीन माह के बेटे का भ्रूण होने का उल्लेख है। एसओ क्वारसी मनोज शर्मा कहते हैं कि वैसे तो इतनी कम ऊंचाई पर भी फंदे पर लटककर सुसाइड करना संभव है। मुकदमा दहेज हत्या में ही चलेगा।