अलीगढ़। यमुना एक्सप्रेस वे बन कर तैयार है। अब बस मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से समय मिलने की दरकार है। संभवत: इस महीने में ही लोकार्पण प्रस्तावित है। लोकार्पण न होने से यहां के टोल प्लाजा तो अभी बंद है लेकिन नोएडा से आगरा तक पुलिसिया और गार्ड वसूली धड़ल्ले से शुरू हो गई है। कई पुलिस थानों की सीमा से गुजरने वाले इस हाई स्पीड रास्ते पर जहां जिस पुलिस थाने की सीमा शुरू होती है, वहीं पर उसका राज कायम है। दिन और रात की डयूटी में पहुंचने वाले बीट पुलिसकर्मी मौका मिलते ही कार या बाइक सवार को रोक कर नियम कानूनों के उल्लंघन का भारी डोज पिला देते हैं। क्योंकि अभी तक एक्सप्रेस वे पर सफर करने की मनाही है ऐसे में अपराधबोध के कारण पीड़ित भी विरोध करने या शिकायत दर्ज कराने से पीछे हट जाते हैं। यहां से गुपचुप गुजरने वालों को कभी पुलिस कभी सुरक्षा गार्ड तो कभी लुटेरों का खौफ सताता रहता है। इस नये रास्ते पर अब तक दो बार लूट की घटनाएं भी हो चुकी हैं। जेपी ग्रुप और प्रशासन के आला अफसरों का ध्यान हटने से यह वसूली बढ़ती जा रही है।