अलीगढ़। अलीगढ़ में सिल्ट से कितना वायु प्रदूषण फैल रहा है..? कितने तरह के घातक सूक्ष्म कण श्वांस से शरीर के अंदर पहुंच कर जानलेवा बीमारी दे रहे हैं? इन कणों की संख्या कितनी है? एक औसत अलीगढ़वासी एक दिन में कितने सूक्ष्म कणों को श्वांस से ग्रहण कर रहा है? क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आज तक इसकी कोई जांच नहीं की है। अमर उजाला ने जब सिल्ट से फैल रहे प्रदूषण के खिलाफ मुहिम छेड़ी तो उद्योग व्यापार संगठन ने आरटीआई से सवाल पूछे। जवाब मिला कि ऐसी कोई जांच कभी नहीं हुई है। जब व्यापारियों ने बुधवार को फिर दबाव बनाया तो विभाग 10 फीट पर वायु प्रदूषण की जांच करने के लिए तैयार हुआ। गुरुवार को सूखी सिल्ट से ग्रसित किसी मोहल्ले में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वायु प्रदूषण की जांच कर सकता है। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि जांच जमीन से 10 फीट ऊपर होगी, जबकि अधिकांश व्यक्ति तीन से पांच फीट की लंबवत ऊंचाई पर ही श्वांस लेते हैं। यही नहीं बोर्ड की ओर से होने वाली जांच में केवल माइक्रो पार्टिकल की संख्या की जांच होगी। यह माइक्रो पार्टिकल किस तत्व या धातु के हैं यह पता नहीं चलेगा। गौर हो कि इससे पहले विभाग ने 16 मई को जांच कराने का भरोसा दिलाया था और एक महीने बाद भी कोई जांच नहीं की। बोर्ड की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों पर अब तक जिला प्रशासन ने भी कोई संज्ञान नहीं लिया है।