अलीगढ़। लगभग 10 करोड़ 61 लाख रुपये की भारीभरकम रकम के कर्ज ने पूर्व मेयर आशुतोष वार्ष्णेय की रातों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि अब उन्हें खुद इस रकम को चुकता करने का रास्ता नहीं मिल रहा है। इधर बैंकों ने सरफेसी एक्ट के तहत इसकी रिकवरी कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक अधिकारियों के अनुसार सेक्यूरटाइजेशन एंड रीकंस्ट्रक्शन ऑफ फाइनेंशियल एसेट इंफोर्समेंट ऑफ सिक्योरिटी इंटरेस्ट एक्ट 2002 के तहत यह कार्रवाई होगी। गौर हो कि सभी पांच बड़े लोन बैंक ऑफ बड़ौदा से लिए गए थे, जो मूनअप इंफोटेक, आकांक्षा इंटरनेशनल, मूनअप इंटरप्राइजेज, आशुतोष वार्ष्णेय और मून प्रोडक्ट के नाम से लिए गए हैं। कारोबार के सिलसिले से लिए गए लोन अदा नहीं हो पाने के कारण बैंक ने रिकवरी शुरू कर दी है।