अलीगढ़। मैं कम बोलता हूं। मुझे भाषण देने की आदत नहीं है, लेकिन मेरा काम आप सभी की निगाह में है। मुझे बताया गया था कि वीसी के लिए समस्याएं 3 साल बाद शुरू होती हैं। मेरे साथ पहले ही साल समस्याएं शुरू हो गईं। ऐसा इसलिए क्योंकि मैं काम करता हूं। सिर्फ हरकत और बदलाव से रगड़ पैदा होती है। हमलोग गतिहीन नहीं हैं। नए छात्र विवि की परंपराओं को समझ सकें, इसके लिए अगले शैक्षिक सत्र से ‘इंट्रोडक्शन’ की परंपरा को फिर से बहाल किया जाएगा। इसके लिए बेहद नियंत्रित स्थितियों में गेट टू गेदर का आयोजन किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से इंदिरा गांधी हॉल की छात्राओं को कैंपस में ही शिफ्ट किया जाएगा। यहां की आवासीय क्षमता अब्दुल्ला हाल को दे दी जाएगी। साथ ही 1000 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास छात्राओं के लिए बनाया जाएगा। शनिवार को मीडिया से मुखातिब होते समय कुलपति ने अपनी बात की शुरुआत कुछ इसी अंदाज में की। उन्होंने मीडिया के सवालों के साथ-साथ सुझावों का भी स्वागत किया। इस दौरान जब उन्हें विवि में अनियमितताओं और कुछ कमियों की ओर ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने खुले दिल से स्वीकार किया। साथ ही समस्याओं के हल की ओर भी संकेत किए।