बैमबीरपुर में ब्लीचिंग पाउडर और एंटी लारवा का स्प्रे करता कर्मचारी
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गांव बैमवीरपुर में डायरिया से दो बच्चों की मौत और कई के पीड़ित होने पर 1 अगस्त की सुबह से सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। स्वास्थ्य टीम ने गांव में कैंप कर थोड़ी भी शिकायत वाले मरीजों की जांच की। इसमें 79 महिला, पुरुष और बच्चे वायरल व दस्त से पीड़ित मिले। सभी को दवा दी गई।
सीएमओ डाॅ. नीरज त्यागी के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. खालिद, डाॅ. सोरन सिंह, प्रतिरक्षण अधिकारी सौरभ राजपूत, बीपीएम सचिन कौशिक, स्वास्थ्य निरीक्षक गिर्राज किशोर गुप्ता टीम सहित गांव पहुंचे। टीम ने घर-घर पहुंचकर पीड़ितों की जानकारी ली। 15 मरीजों की स्लाइड बनाई गई। 19 मरीजों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। डाॅ. खालिद ने बताया गांव में कोई गंभीर मरीज नहीं मिला। कुछ वायरल तो कुछ दस्त से पीड़ित थे। स्थिति नियंत्रण में है। लोग देर का रखा हुआ खाना न खाएं। घर के आसपास सफाई रखें और नालियों में पानी न जमने दें। छोटे बच्चों को दूध देने से पहले बोतल को अच्छी तरह से धो लें, इस बात की सलाह दी गई है।
सफाई के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ
ब्लॉक की ओर से गांव में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। गलियों की पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंटी लार्वा का छिड़काव कराया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर-घर पहुंचकर लोगों से स्वास्थ्य की जानकारी ली। जिला संक्रमण रोग अधिकारी डाॅ. सोहिब अंसारी ने ग्रामीणों के साथ बैठककर गंदगी से होने वाले रोगों के बारे में जागरूक किया। जलनिगम के जिला कोआर्डिनेटर अमर सिंह व लैब ऑफिसर अंशुल कुमार ने सरकारी स्कूल सहित गांव के पांच सरकारी हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप के पानी का सैंपल लिया। इसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
वायरल के साथ फंगल इंफेक्शन के बढ़े मरीज
सौ शैया युक्त संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में 600 से 700 मरीज दवा लेने पहुंच रहे हैं। सुबह से ही डॉक्टर और दवा वितरण कक्ष में मरीजों की भीड़ लग रही है। चिकित्साधिकारी डाॅ. रूबी सिंह ने बताया कि वायरल सहित फंगल इन्फेक्शन, खुजली व सर्दी के मरीजों की संख्या अधिक है। लैब टेक्नीशियन शिव सिंह राघव ने बताया कि रोजाना करीब तीन हजार जांच हो रही है। सबसे ज्यादा वायरल के मरीज मिल रहे हैं।