पुलिस द्वारा भीड़ को भगाने के बाद आईटीआई परिसर के गेट पर खड़े बचे हुए युवा
- फोटो : AMAR UJALA
अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। आईटीआई परिसर में शनिवार को एक निजी कंपनी के दस पदों पर नौकरी करने के लिए 700 युवा पहुंच गए। सुबह जब आईटीआई स्टाफ दफ्तर खोलने पहुंचा तो देखा 100 से 150 की संख्या में युवक खड़े हुए हैं। ताला खोला तो युवा भी अंदर हो लिये। 10 बजे तक संख्या 700 पार कर गयी। प्राचार्य और स्टाफ के हाथ पैर भीड़ देख फूल गए । फिर क्या भीड़ के चलते कार्यक्रम ही रद्द करना पड़ा। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस बुलाई गई और इस बीच हंगामे की स्थिति भी बनी। एक कार निर्माता कंपनी का गौतमबुद्ध नगर में प्लांट है। जिसके लिए आईटीआई परिसर में सोमवार को वेल्डर, फिटर, मैकेनिकल और ड्राइवर के 10 पदों पर भर्ती होनी थी। चूंकि बेरोजगारों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में इस सूचना पर सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार युवा मौके पर पहुंचे। लेकिन उन्हें देखकर आईटीआई स्टाफ के पसीने छूट गए। नतीजतन उनको सामाजिक दूरी का हवाला देते हुए दूर दूर किया गया और उनसे बॉयोडाटा मांगा गया। कई युवा तो निराश होकर बिना बॉयोडाटा दिये ही चले गए। जबकि भीड़ को छांटने के लिए प्राचार्य ने पुलिस बुला ली । इस बीच हंगामे की स्थिति भी बनी, लेकिन हालात काबू में ही रहे। हालात सामान्य होने के बाद ही पुलिस और स्टाफ ने राहत की सांस ली। इस संबंध में प्राचार्य नवाब सिंह ने बताया कि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के माध्यम से कुछ ही बच्चों को बुलाया गया था। लेकिन सोशल मीडिया में फैली जानकारी के चलते भीड़ आ गई। भीड़ को संभाला नहीं जा सकता था, इसीलिए पुलिस को बुलाया गया है। अब हालात स्थिर हैं।