इन सभी को बिना पुलिस को सूचना दिए फैक्टरी प्रबंधन ने जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं, जेएन मेडिकल कॉलेज से इस सूचना पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत समेत पुलिस-प्रशासनिक अमला वहां पहुंच गया। - दुर्घटना की मौके पर की गई जांच में पाया गया कि अमोनिया की आपूर्ति जिस पाइप से हो रही थी, वह वैल्डिंग के बाद प्रयोग में लाई जा रही थी।
बसपा नेता हाजी जहीर की मीट फैक्टरी अलदुआ फूड प्रोसेसिंग यूनिट में बृहस्पतिवार सुबह अमोनिया गैस के रिसाव से 59 महिला कर्मचारियों की हालत बिगड़ गई। इन सभी को बिना पुलिस को सूचना दिए फैक्टरी प्रबंधन ने जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। घटना में फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। जिसके आधार पर फैक्टरी स्वामी सहित सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें से छह नामजद गिरफ्तार किए गए हैं।
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सराय मियां निवासी हाजी जहीर की रोरावर क्षेत्र में तालसपुर के पास यह यूनिट स्थापित है। जहां से देश-विदेश में मीट की सप्लाई की जाती है। बृहस्पतिवार सुबह करीब 9:30 बजे फैक्टरी के पैकेजिंग विभाग में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी काम में जुटी थीं। इसी दौरान अचानक तेजी से अमोनिया का रिसाव शुरू हुआ। एक-एक कर काम में जुटी 59 कर्मचारी बेहोश हो गईं। इनमें कई किशोरियां भी थीं। इससे फैक्टरी में भगदड़ मच गई।
आनन-फानन में फैक्टरी प्रबंधन ने निजी वाहनों से बेहोश स्टाफ को जेएन मेडिकल कॉलेज भिजवाया। वहीं, जेएन मेडिकल कॉलेज से इस सूचना पर डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत समेत पुलिस-प्रशासनिक अमला वहां पहुंच गया। जहां उपचार की व्यवस्था देखी। बाद में अधिकारियों ने डीआईजी दीपक कुमार संग मौके पर जाकर भी जायजा लिया गया।
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- दुर्घटना की मौके पर की गई जांच में पाया गया कि अमोनिया की आपूर्ति जिस पाइप से हो रही थी, वह वैल्डिंग के बाद प्रयोग में लाई जा रही थी। इससे लापरवाही उजागर हुई है। उसे बदला जाना चाहिए था। जो 59 कर्मचारी बेहोश हुए हैं। अब उन सभी की हालत में सुधार है। बाकी मुकदमा व गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है। फैक्टरी मालिक फरार है, जिसकी तलाश जारी है।