तय रकम दिए जाने के बावजूद फ्लैट का कब्जा न देने के मामले में अलीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए बिल्डर को ग्राहक के पक्ष में 47.50 लाख रुपये वापस करने का आदेश सुनाया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह की पीठ ने संयुक्त रूप से सुनाया है।
इस संबंध में दोदपुर सिविल लाइंस के मोहम्मद अहमद खान ने आयोग में अर्जी दायर की। जिसमें बताया कि उन्होंने हसन मंजिल अमीर निशा स्थित नासेमान कंस्ट्रक्शन के स्वामी शकील खान ने अपने अपार्टमेंट में वादी व उनके रिश्तेदार असद उल्लाह के लिए दो फ्लैट बेचे। जिनकी कीमत 57 लाख रुपये बताई गई। बातचीत के दौरान तय हुआ कि फ्लैट के निर्माण के दौरान 47 लाख रुपये देने होंगे। शेष 10 लाख रुपये बैनामे के समय दिए जाएंगे। इस सौदे के अनुसार 2 नवंबर 2017 को तीन लाख 50 हजार रुपये दे दिए गए। इसमें एक लाख रुपये नगद व दो लाख 50 हजार रुपये आनलाइन दिए थे।
इसके बाद 43 लाख 50 हजार रुपये और दे दिए। कुल 47 लाख 50 हजार रुपये की रकम देने पर जुलाई 2019 तक फ्लैट का कब्जा देने का वादा किया गया। मगर नियत समय पर कब्जा नहीं दिया गया। जब कहा गया तो जुलाई 2022 में कब्जा दिलाने का भरोसा दिया गया, मगर आज तक नहीं दिया गया। कहने पर लगातार टालमटोल किया जाता रहा। मामले में सुनवाई करते हुए आयोग ने पीड़ित के पक्ष में आदेश दिया है। जमा की गई रकम 18 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने के आदेश दिए हैं।