एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से गभाना की किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी महेश सिंह व वादी पक्ष के अधिवक्ता पंकज शर्मा के अनुसार घटना 10 दिसंबर 2021 की है। वादी मुकदमा गभाना क्षेत्र के व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी गांव में ही आयोजित एक कार्यक्रम में गई थी। तभी पड़ोसी गांव अर्जुनपुर का आरोपी सचिन उर्फ ईश्वेंद्र उसे फुसलाकर ले गया। जब बेटी कहीं नहीं मिली तो थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले में एक सप्ताह बाद पुलिस ने बेटी को बरामद कर आरोपी को पकड़ा। मामले में न्यायालय में किशोरी द्वारा उसे फुसलाकर ले जाने और दादरी में एक घर में पति-पत्नी बताकर रखने और जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म आदि धाराओं में चार्जशीट दायर की। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जिसमें 20 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
निरंजनपुरी में हुए हत्याकांड में आरोपी दोषी करार, सट्टे की खाईबाड़ी की शिकायत करने पर की गई थी यह हत्या
महानगर के क्वार्सी क्षेत्र के रामघाट रोड निरंजनपुरी में दिनदहाड़े युवक की हत्या के मामले में नामजद आरोपी दोषी करार दिया गया है। यह फैसला एडीजे-8 अशोक भारतेंदु की अदालत से सुनाया गया है। अब मामले में सजा सुनाए जाने के लिए 21 तारीख नियत की गई है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार घटना 17 मई 2018 की है। वादी सुनील जैन के अनुसार शाम करीब साढ़े चार बजे उनके भाई धर्मवीर व दीपक घर के बाहर दरवाजे पर खड़े थे। तभी आरोपी इलाके का ही रमेश चंद्र शर्मा आया और यह कहते हुए धर्मवीर को सीने में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मार दी कि तू बहुत सट्टे की शिकायत करता है। इस दौरान बीचबचाव में आए दीपक पर भी फायर किया, जिसमें वह बच गया। मामले में धर्मवीर की मेडिकल में मौत हो गई। मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी के साथ चार्जशीट आदि दायर की। न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर रमेश चंद्र शर्मा को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर तारीख नियत कर दी है। बता दें कि रमेश चंद्र घटना के बाद से जेल में हैं।
विभिन्न मामलों में जमानत अर्जियां खारिज
सत्र न्यायाधीश डा.बब्बू सारंग की अदालत से कई मामलों में जमानत खारिज की गई हैं। डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह के अनुसार धोखाधड़ी में कासगंज की गुलिस्ता की, मारपीट छेडख़ानी में फरियाद, मुस्तकीम, फमई की, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने में देहली गेट की गीता की जमानत खारिज की गई है। इधर, एडीजे विशेष एससीएसी संजीव कुमार सिंह की अदालत से नौझील मथुरा के धर्मू उर्फ सद्दीक की इगलास में वर्ष 2021 में एक हत्या के मामले में जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी चमन प्रकाश शर्मा ने दी। इधर, एडीजे विशेष पॉक्सो सुरेंद्र मोहन सहाय की अदालत से इगलास के हेमंत की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी महेश सिंह ने दी है।
जहरखुरानी के आरोपी को सजा
एडीजे-13 विकास श्रीवास्वत की अदालत से क्वार्सी के जहरखुरानी के मुकदमे में दोषी को सजा सुनाई गई है। एडीजीसी सुधाकर कुलश्रेष्ठ के अनुसार क्वार्सी पुलिस ने संजय गांधी कालोनी के रवि को पकड़ा था। मामले में आरोपी को डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई गई है।