टप्पल ब्लॉक के गांव रंजीतगढ़ी में बुखार से हालात खराब हो रहे हैं। 9 नवंबर रात को इलाज के दौरान किशोर की मौत हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 50 दिनों में यह नौवीं मौत है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है, लेकिन गांव में करीब 50 लोग बीमार हैं।
16 वर्षीय भूरा पुत्र मुकेश कुमार को तीन दिन पहले बुखार आया था। जिसका अप्रशिक्षित डॉक्टर से इलाज चल रहा था। उसे जेवर के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उसकी हालत में सुधार न हो सका। तबीयत बिगड़ती गई और अलीगढ़ वापस लाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। वह गांव के ही स्कूल में पढ़ता था, पिता मजदूरी करते हैं।
ग्राम प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि भूरा की मौत के बाद उसके परिवार के पांच लोगों की हालत बिगड़ गई। उनको भी जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया जा रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि गांव में हुई मौतों में डेंगू की पुष्टि नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में दवा बांट रही है।