खैर में पुलिस चौकी के सामने स्थित दिगंबर जैन मंदिर में स्थापित भगवान पार्श्वनाथ की अष्टधातु और नेमिनाथ की पाषाण की प्रतिमा को चोर चुरा कर ले गए। शनिवार सुबह पूजा अर्चना के लिए आए मंदिर के सेवादार को वारदात की जानकारी हुई। मामले में अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना से जैन समाज के लोगों में आक्रोश है।
खैर में कस्बा पुलिस चौकी के सामने प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर है। शनिवार को मंदिर के सेवादार मुकेश जैन साफ सफाई व पूजा करने गए थे। मंदिर की किबाड़ टूटी देख उनका माथा ठनका। अंदर जाकर देखा तो 150 वर्ष पुरानी बेशकीमती अष्टधातु की भगवान पार्श्वनाथ व भगवान नेमिनाथ की पाषाण की मूर्ति गायब थी। मंदिर से अष्टधातु व पाषाण की मूर्ति चोरी होने की सूचना से जैन समाज में आक्रोश है। इंस्पेक्टर खैर प्रदीप कुमार ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर चोरों की तलाश में पुलिस टीमों का गठन कर दिया है। मामले में दीपक जैन ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर खैर प्रदीप कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है। जल्द ही मूर्ति सहित चोर पुलिस हिरासत में होंगे।
चोर के पकड़ने जाने की चर्चा, पुलिस ने अनभिज्ञता जताई
जैन मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु व पाषाण की मूर्तियों को खैर पुलिस द्वारा बरामद किए जाने की अपुष्ट जानकारी मिली है। सूत्रों की मानें तो खैर निवासी चोर के साथ सिकंदराराऊ निवासी चोर ने मूर्ति चोरी की घटना को अंजाम दिया था। बताते हैं कि सिकंदराराऊ निवासी चोर की खैर के गांव नगौला में ससुराल है। चोर ने कस्बा निवासी रिश्तेदार युवक के साथ चोरी की घटना की है। चर्चा है कि मूर्ति सहित एक चोर को पुलिस ने दबोच लिया है । दूसरे की तलाश जारी है। हालांकि खैर पुलिस ने मूर्ति चोर के पकडे़ जाने के मामले में अनभिज्ञता जाहिर की है।