चावल की कालाबाजारी के शक में सील हुआ गोदाम
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हाथरस जिले में कालाबाजारी के चावल की बरामदगी का सिलसिला रुक नहीं रहा। 21 फरवरी रात उपजिलाधिकारी कुंवर बहादुर सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुवराज सिंह और पूर्ति निरीक्षक की टीम ने करीम नगर नहर मार्ग स्थित गोदाम में छापा मारा। टीम को गोदाम में तो कुछ नहीं मिला, लेकिन पास ही सुनसान आम के बाग से 275 बोरों में भरा 135 क्विंटल चावल बरामद किया। गोदाम को सील कर दिया गया और चावल के मालिक की तलाश की जा रही है।
एसडीएम ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि करीम नगर में बड़े पैमाने पर राशन का चावल जमा किया जा रहा है। सूचना पर 21 फरवरी की रात छापा मारा गया। कई गोदाम तलाशने पर भी कुछ नहीं मिला, लेकिन आगे नहर मार्ग पर सुनसान आम के बाग में तिरपाल के नीचे एक ढेर नजर आया। तिरपाल हटाकर देखा तो वहां चावल से भरे बोरे रखे थे। प्रथमदृष्टया यह चावल राशन का नजर आ रहा था। बोरों की संख्या 275 थी, जिनमें करीब 135 क्विंटल चावल भरा था। पकड़े गए चावल को गांव सूसामई के राशन डीलर की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
वीराने में रखा चावल किसका था, इस बारे में एसडीएम ने बताया कि जांच चल रही है। पास के ही एक गोदाम को शक के आधार पर सील कर दिया गया है। 23 फरवरी को उसे खुलवाकर जांच की जाएगी। पूरे प्रकरण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। उनके आदेश पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
90 फीसदी उपभोक्ता बेच देते हैं चावल
राशन डीलर से मिलने वाले चावल को 90 फीसदी उपभोक्ता बेच देते हैं। इनकी खरीद चक्की स्वामी और अनेक लोग करते हैं। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र का 90 फीसदी चावल बिककर थोक विक्रेताओं के यहां पहुंचा दिया जाता है। उपभोक्ता 16 रुपये से 18 रुपये तक चावल बेचते हैं। बाद में बड़े खरीदार इसे दिल्ली और गाजियाबाद में बेच देते हैं।