पिछले दिनों किए गए 102-108 सेवा की एंबुलेंसों के फेरों के सत्यापन में गड़बड़झाले की बू आ रही है। फरवरी, मार्च व अप्रैल माह की सत्यापन रिपोर्ट में सबकुछ ठीक-ठाक बताया गया है। रिपोर्ट में सीएचसी अधीक्षकों के हस्ताक्षर हैं। मगर अतिरिक्त निदेशक स्वास्थ्य (एडी हेल्थ) ने जब इसके सत्यापन के लिए कराने के लिए सीएचसी अधीक्षकों से ब्योरा तलब किया गया तो उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि रिपोर्ट पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर प्रदेश भर में एंबुलेंसों के फेरों की जांच कराई गई। जिसमें जानकारी संकलित की गई कि एंबुलेंसों ने कितने फेरे प्रतिदिन किए हैं। कॉलर का मोबाइल नंबर व आधार कार्ड सहित कहां से कहां तक किस बीमारी पर फेरा लगाया गया है। इस पर जिला वार एंबुलेंस कोआर्डिनेटरों के स्तर से रिपोर्ट स्वास्थ्य महकमे को पेश की गई।
अपने जिले में भी यह रिपोर्ट दी गई, जिसमें सब कुछ ठीक-ठीक दर्शाया गया। उदाहरण के तौर पर अपने जिले के जवां सीएचसी से फरवरी माह में कुल 618 लाभार्थियों को लाभ देना दर्शाया, जिसमें 611 का मिलान होना बताया गया। इनमें से 607 के आधार कार्ड का मिलान दर्शाया गया, 608 के मोबाइल नंबर का मिलान दर्शाया गया। जिले भर में लगभग यह रिपोर्ट एक जैसी आई। इस पर एडी हेल्थ वीके सिंह ने संदेह दर्शाया।
इसी संदेह के क्रम में एडी ने जिले से क्रास सत्यापन के लिए नोडल अधिकारी से सीएचसी वार ब्योरा मांगा। इस पर अधिकांश सीएचसी अधीक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया है कि जो ब्योरा उनके हस्ताक्षरयुक्त पूर्व में भेजा गया है। वह उनकी ओर से न तो सत्यापित है और न उस पर उनके हस्ताक्षर हैं। इतना ही नहीं, यहां तक लिखा गया है कि इस रिपोर्ट का मिलान उनके अस्पताल के रिकार्ड से भी नहीं हो रहा है। इधर, इस मामले में अब जिलाधिकारी स्तर पर भी शिकायत की गई है।
- हम इसमें जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं। जिलाधिकारी तक भी इसकी शिकायत पहुंची है। इसका क्रास सत्यापन के साथ-साथ विस्तार से जांच कराई जाएगी। किस स्तर से गड़बड़ी हुई है। किसने गलत रिपोर्ट दी है। यह सब इस जांच का हिस्सा होगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई वहीं से तय होगी।-डा.वीके सिंह, एडी हेल्थ
तेल और भत्ता चोरी का है इसके पीछे खेल
फेरे अधिक दिखाकर एंबुलेंस में खर्च होने वाला तेल और फेरे से जुड़ा भत्ता हड़पने का खेल इसकी मूल वजह है। यही शिकायतें शासन स्तर पर पहुंची थीं। तभी इसकी जांच के आदेश हुए थे। मगर जिले में सब कुछ ठीक दर्शाकर इस चोरी पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया है। इससे साफ है कि एंबुलेंस की आड़ में किस तरह से कितनी चोरी की गई होगी।