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बच्चों से अभी दूर हैं शत-प्रतिशत किताबें

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बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों मेें शत-प्रतिशत किताबें बच्चों के हाथों से अभी दूर हैं, जबकि चार महीने के बाद वार्षिक परीक्षा होनी हैं। इन बच्चों ने एक-दो किताबों से अर्द्ध वार्षिक परीक्षाएं दे दीं।
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परिषदीय विद्यालयों का अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हुआ था। सात महीने गुजरने को हैं, लेकिन अभी तक बच्चों के हाथों में शत-प्रतिशत किताबें नहीं मिल पाई हैं। आधे-अधूरे कोर्स की किताबों के सहारे मार्च में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। जिले में 2115 विद्यालय हैं, जिनमें 2.5 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं।
बीआरसी पर किताबें हैं, लेकिन पूरी नहीं हैं। बीआरसी से प्रभारी प्रधानाध्यापक किताबें ला रहे हैं। उर्दू टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मोहम्मद अहमद ने बताया कि अभी तक शत-प्रतिशत किताबें बच्चों को नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में शिक्षकों से बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। इस संबंध में बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही शत-प्रतिशत किताबें बच्चों को मिल जाएंगी।
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