ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट से पहले जिले में औद्योगिक भूमि का संकट दूर हो सकेगा। लंबे समय से अटके पहले ख्यामई औद्योगिक क्षेत्र के विकास-निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। यूपीएसआईडीसी को 100 करोड़ रुपये के प्रस्तावित बजट के साथ इसके निर्माण का जिम्मा मिला है। यह क्षेत्र 48 हेक्टेयर जमीन पर विकसति किया जाएगा। इसके विकसित होने पर ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में निवेश करने वाले निवेशकों को जमीन आसानी से मिल सकेगी।
बता दें कि डिफेंस कॉरीडोर की स्थापना के बाद अपने जिले में एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया गया। चूंकि पहले से जो तीन औद्योगिक क्षेत्र हैं, उनमें अब स्थान की कमी है। इसी क्रम में अंडला डिफेंस कॉरिडोर से जुड़े गभाना के ख्यामई पर यह औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना तय किया। 48 हेक्टेयर भूमि पर इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए बजट पहले सिडबी से मांगा गया और फिर वहां से सफलता न मिलने पर पीएम गति शक्ति योजना के तहत ऋण लेने का प्रयास किया। मगर वहां से भी सफलता नहीं मिली।
इस पर अब शासन स्तर से इसके विकसित करने के लिए वित्तीय स्वीकृति देते हुए 100 करोड़ का बजट तय किया है। यूपीएसआईडीसी द्वारा इसे आधुनिक रूप से तैयार किया जाएगा। इसमें आवासीय के साथ मॉल, पार्क व तीन क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा।
इधर, बता दें कि आने वाले समय में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट होने जा रहा है। जिसमें अलीगढ़ में निवेश के लिए अब तक 325 से अधिक 16 हजार करोड़ के निवेश पर करार हुए हैं। इन निवेशकेां को ख्यामई में जमीन मिल सकेगी।
बता दें कि नए निवेशकों ने करीब 20 एकड़ से अधिक जमीन की डिमांड की थी। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त उद्योग वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि ख्यामई औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए 100 करोड़ के बजट की वित्तीय स्वीकृति मिली है। इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। इंवेस्टर्स समिट के निवेशकों को इसमें जमीन दी जाएंगी।