मथुरा में एक युवक ने अपनी पत्नी की मौत के लिए निजी अस्पताल के चिकित्सक जिम्मेदार बताया। शिकायत करने बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इससे आहत पति ने सीएमओ कार्यालय में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह की कोशिश की। इससे सीएमओ कार्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
वृंदावन मार्ग स्थित ब्रजेश हाइट निवासी शोभित की गर्भवती पत्नी वेदिका को नवंबर में महोली रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि लगभग आठ माह के उपचार के बाद प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोगों को वेदिका को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां वेदिका ने बेटी को जन्म दिया।
पति ने लगाया यह आरोप
महिला के पति शोभित का आरोप है कि प्रसव के बाद ही डॉक्टरों ने उनकी पत्नी का उपचार बेहतर ढंग से नहीं किया। इससे पत्नी की तबियत बिगड़ने लगी। चिकित्सकों ने उन्हें कहीं और ले जाने के लिए कह दिया। गंभीर हालात में वह अपनी पत्नी को दिल्ली के एक अस्पताल में लेकर गए जहां कुछ दिन के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
शोभित का आरोप है कि डॉक्टरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद भी सीएमओ कार्यालय की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कार्रवाई एवं जांच न होने पर परिजन सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान शोभित ने ज्वलनशील पदार्थ अपने ऊपर डालकर आत्मदाह की कोशिश की। शोभित का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।
सीएमओ डॉ. अजय कुमार वर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्रार्थना पत्र मिला है, महिला चिकित्सक से मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।