पटियाली। कोतवाली क्षेत्र के गांव नरथर में एक युवक की लाश अपने मकान के जंगले से लटकी मिली। इससे घर में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या जमीन के विवाद में तहेरे भाई ने तीन अन्य नामजदों के साथ मिलकर की है। गुस्साए परिजनों ने मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद पटियाली कोतवाली पुलिस ने चार नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।गांव नरथर निवासी राजेंद्र व लोकपाल दोनों सगे भाइयों में जमीन के विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। लोकपाल के मंझले पुत्र 32 वर्षीय आदेश ने अपने पुश्तैनी घर से कुछ दूरी पर अपना अलग घर बना लिया था। उसके अन्य भाई पुश्तैनी मकान में ही रह रहे थे। आदेश नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है और परिवार के साथ वहीं रहता है। आदेश 2 मई को ही नोएडा से परिवार सहित गांव आया था। रविवार की रात को आदेश की पत्नी और बच्चे छत पर जाकर सो गए। आदेश नीचे कमरे में ही सो रहा था। सोमवार की सुबह जब आदेश की पत्नी विमलेश छत से नीचे उतरकर आई तो उसने देखा कि आदेश घर के बाहरी कमरे के जंगले से लटका हुआ है। उसके गले में चादर का फंदा लगा हुआ था। कमरे का दरवाजा भी बाहर से खुला हुआ था। यह देखकर विमलेश के मुंह से चीख निकल गई। चीखने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने आनन-फानन में आदेश को फंदे से उतारा और निजी चिकित्सक के पास ले गए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आदेश की अचानक मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। आदेश के पिता लोकपाल ने अपने सगे भतीजे जयवीर पुत्र राजेंद्र व महिपाल पुत्र नरेश, अमित पुत्र शिव कुमार, पुष्पेंद्र पुत्र महिपाल को नामजद करते हुए आदेश की हत्या का अभियोग दर्ज कराया है। आदेश की मृत्यु के बाद जब परिजन स्थानीय दरियावगंज चौकी पहुंचे और वहां मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होने पर उनमें गुस्सा फैल गया। वह शव को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रदर्शन किया। हालांकि शव को गाड़ी से बाहर नहीं निकाला। जानकारी मिलने पर एसपी के आदेश पर कासगंज कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को समझाया। समझाने पर परिजन मान गए। बाद में कोतवाली पटियाली में नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।