मथुरा के गोकुल में यमुना में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है और हर हलचल पर नजर रखी जा रही है। यमुना किनारे बाढ़ चौकियां अलर्ट मोड पर है। वृंदावन मथुरा व गोकुल आदि क्षेत्रों के नाविकों को अपनी नौकाएं हटाने को कह दिया है, हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग इनका संचालन कर रहे हैं। मथुरा में एक दायरे तक सिमट कर रह गई यमुना का अब विशाल स्वरूप देखने को मिल रहा है। हथनी कुंड से छोड़े जा रहे जल के कारण यमुना घाटों को छू रही है।
प्रशासन को आशंका है कि जलस्तर और बढ़ता है तो डूब क्षेत्र में बसी दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां जलमग्न हो जाएंगी। ऐसे में यहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने की तैयारी कर ली गई है। यमुना के खादर में अनेक अवैध कॉलोनियां बस गई हैं। गोकुल क्षेत्र में 15 से 20 अवैध कॉलोनियों का निर्माण हो चुका है जहां लोगों ने दो-तीन मंजिला मकान बना लिए हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण इनमें निवास करने वाले लोग चिंता में हैं।
नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि यमुना में बढ़े जल स्तर पर नजर बनी हुई है। बाढ़ जैसे हालात बनते हैं तो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जाएगा। एसडीएम सदर अजय जैन ने बृहस्पतिवार को रिफाइनरी क्षेत्र के कोयला घाट का निरीक्षण किया। वहीं, जिलाधिकारी पुलकित खरे यमुना में बढ़ते जलस्तर को लेकर सिंचाई विभाग से पल-पल की खबर ले रहे हैं। उन्होंने महावन एसडीएम नीलम श्रीवास्तव के साथ गोकुल बैराज एवं गोकुल के प्रमुख ठाकुराणी घाट से यमुना का जलस्तर देखा और अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए।