अनचाहे गर्भ से बचने के लिए इमरजेंसी दवाएं लेना गर्भपात से अच्छा होता है। अप्रशिक्षित लोगों से गर्भपात कराने से बच्चेदानी में संक्रमण आदि का खतरा रहता है। बाद में गर्भधारण में समस्या हो सकती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि इमरजेंसी दवाएं विशेष परिस्थिति में ही लेना चाहिए। इसे नियमित गर्भ निरोधक के रूप नहीं लेना चाहिए, इसके दुष्परिणाम हो सकते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की स्त्री व प्रसूति रोग विभाग की डॉ. रुचिका गर्ग ने बताया कि इमरजेंसी दवाएं जितनी जल्दी ले ली जाएं, उतनी ठीक होती हैं। 72 घंटे होने का भी इंतजार नहीं करना चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि परिवार नियोजन के अस्थायी साधन काफी कारगर साबित हो रहे हैं।
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ. पीके शर्मा के मुताबिक परिवार नियोजन के अस्थायी साधन आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली, कंडोम, माला एन, ईसी पिल, परिवार नियोजन के स्थाई साधन, पुरुष नसबंदी महिला नसबंदी आदि हैं।