कासगंज। ठंड से बचने के लिए लकड़ी की कीमतों में जहां एक रुपये किलो का उछाल आया है, तो वहीं कोयला 10 रुपये किलो तक महंगा हो चुका है। कीमतों में तेजी के बाद भी ठंड से बचने के लिए लोगों का इनकी खरीद करना मजबूरी बन गया है।
जिले में एक जनवरी से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। ठंड से बचने के लिए एक मात्र सहार आग बनी हुई है। घरों में लोग दिन निकलने के साथ ही या तो लकड़ी अलावा जला लेते हैं या फिर लकड़ी के कोयले या फिर पत्थर की अंगीठी। इसी तरह सांय के समय किया जाता है। वहीं बाजार में भी लोग अपनी दुकानों पर ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। जिससे बाजार में इनकी मांग में तेजी से उछाल आया है। सबसे अधिक मांग लकड़ी की है। शहर में 100 क्विंटल तक लकड़ी की खपत एक दिन में होने का अनुुुमान कारोबारी बता रहे हैं। इसी तरह से पत्थर का कोयला भी 100 क्विंटल तक एक दिन में खपत हो रहा है। वहीं लकड़ी का कोयला की 50 क्विंटल तक की एक दिन में खपत हो रही है। इन सभी ईधन का एक दिन का कारोबार 5 लाख रुपये तक होने का अनुमान है।
बाजार में ईधन के भाव प्रति क्विंटल
लकड़ी -600
लकड़ी का कोयला -4500
पत्थर का कोयला -2400
लकड़ी की कीमतों में एक रुपये किलो तक की तेजी है। शहर में एक दिन में 100 क्विंटल तक लकड़ी की इस समय बिक्री होने का अनुमान है। ठंड बढऩे से मांग में इजाफा हुआ है। आशीष माहेश्वरी, कारोबारी
लकड़ी के कोयले में 10 रुपये किलो तक की तेजी है। शहर में 50 क्विंटल तक कोयला एक दिन में खपत हो रहा है। ठंड बढ़ने से खपत डेढ़ गुनी तक हो गई है। नवनीत गर्ग कारोबारी