कासगंज। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सै. माऊज बिन आसिम के न्यायालय ने महिला की हत्या कर शव छुपाने के आरोपी को जमानत नहीं दी। कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
सोरोंजी क्षेत्र के निवासी रामकृष्ण उपाध्याय तथा उनकी पत्नी प्रीति उपाध्याय से सोशल मीडिया के माध्यम से राखी शंकर की मुलाकात हुई। राखी शंकर नोएडा में आनंद गर्ल्स हॉस्टल पीटर नोएडा में वार्डन के रूप में कार्य करती थी। तीन फरवरी 2024 को सोशल मीडिया के माध्यम से हुई मुलाकात पर रखी शंकर सोरोजी निवासी रामकृष्ण उपाध्याय की पत्नी प्रीति उपाध्याय के पास मिलने गई थी। राखी शंकर का शव मिला। इस मामले में प्रीती उपाध्याय व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। पुलिस विवेचना कर रिंकू उर्फ सुबोधकांत का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोपी रिंकू ने अपनी जमानत अर्जी न्यायालय के समक्ष पेश की। जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने मामले की पैरवी करते हुए जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने आरोपी रिंकू की जमानत अर्जी खारिज कर दी।